महिला स्व सहायता समूहों से 20 लाख की धोखाधड़ी, आरोपित गिरफ्तार

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19 समूहों की महिलाओं के साथ धोखाधड़ी – बैंक में जमा नहीं की किस्तें, रकम हड़प ली

भिलाई। महिला स्व सहायता समूहों से लगभग 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। समूह अध्यक्षों की शिकायत पर पुलगांव पुलिस ने ग्राम कोटनी निवासी मनीता निषाद के खिलाफ धारा 406 (गबन) और धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत दो अलग-अलग अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपित को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।

पहला मामला ग्राम कोटनी प्रगति स्व सहायता समूह की अध्यक्ष हेमकल्याणी साहू की रिपोर्ट पर दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मनीता निषाद ने सरस्वती, मां बगदई, लक्ष्मी, एकता, सखी, धनलक्ष्मी, दुर्गा, गरीमा और प्रज्ञा महिला स्व सहायता समूहों से कुल ₹6,19,420 की राशि धोखाधड़ी से हड़प ली। ग्राम पंचायत कोटनी में सरकार की स्वरोजगार योजना के तहत इन समूहों को बैंक से लोन मिला था। लोन की किस्त जमा करने के लिए महिलाएं राशि मनीता निषाद को देती थीं, पर उसने वह रकम छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक नगपुरा में जमा नहीं की।


5 नवंबर 2023 को बैंक द्वारा नोटिस जारी होने पर यह धोखाधड़ी सामने आई। फरवरी 2024 में ग्रामसभा में बैठक बुलाकर ग्रामीणों ने मनीता को रुपये लौटाने के लिए समय दिया था, लेकिन 4 मार्च 2024 की रात वह गांव छोड़कर गायब हो गई। करीब 17 माह बाद जब वह वापस लौटी तो पीड़ित समूहों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
दूसरा मामला नव जागृति महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष दिव्या साहू की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ है। आरोप है कि मनीता निषाद, जो उस समय समूह की सचिव थी, ने नव जागृति, उज्जवला, आस्था, राधे-राधे, साधना, प्रेरणा, प्रगति, नवाअंजोर, जय मां शीतला और वैभव महिला समूहों से कुल ₹13,87,500 की राशि गबन की।
बैंक से नोटिस मिलने के बाद इन समूहों को धोखाधड़ी की जानकारी हुई। पुलिस ने दोनों मामलों की जांच पूरी कर मनीता निषाद को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की जांच जारी है।

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