राष्ट्रपति ने परिचय पूछा तो रिखी के साथ कलाकार बोले-छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया

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गणतंत्र दिवस परेड के उपरांत लोक कलाकार रिखी क्षत्रिय और उनका समूह मिला राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री से

भिलाई। लोक वाद्य संग्राहक और लोक कलाकार रिखी क्षत्रिय व उनका समूह गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय समारोह में हिस्सा लेने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिला। इस बार मध्य प्रदेश की झांकी का प्रतिनिधित्व कर रहे रिखी के समूह ने 26 जनवरी को राजपथ में 12 वीं बार अपनी कला का प्रदर्शन किया। गणतंत्र दिवस के उपरांत झांकियों में शामिल देश भर के सभी कलाकारों को राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से मिलाया गया। राष्ट्रपति भवन में परिचय सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ के सभी कलाकार शामिल हुए। रिखी क्षत्रिय ने बताया कि जब उनके समूह की बारी आई तो राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पूछा कि कहां से हैं..? इस पर सभी ने छत्तीसगढ़ कहा तो राष्ट्रपति ने मुस्कुराते हुए पूछा- क्या कहते हैं छत्तीसगढ़िया…इस पर रिखी सहित सभी कलाकारों ने कहा छत्तीसगढ़िया-सबले बढ़िया..इस पर राष्ट्रपति ने भी इस स्लोगन को दोहराया और पूरे दल को शुभकामनाएं दी। इसके अलावा रिखी व उनके समूह की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई। रिखी क्षत्रिय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी कलाकारों से मुलाकात की और उन्हें शुभकामनाएं दी।

उल्लेखनीय है कि लोक कलाकार रिखी क्षत्रिय के साथ छत्तीसगढ़िया कलाकारों का समूह इस बार नई दिल्ली की गणतंत्र दिवस परेड में 26 जनवरी को काशी विश्वनाथ मंदिर की झांकी के साथ नजर आया था। मध्यप्रदेश शासन जनसंपर्क विभाग की ओर से तैयार की गई झांकी में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर द्वारा काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण किए जाने को दर्शाया गया था। जिसमें लोकमाता के इस कार्य के उपरांत आदिवासी समुदाय द्वारा उत्सव मना कर उनका आभार जताने का उल्लेख विशेष रूप से किया गया। राजपथ पर इस झांकी में उनके साथ कलाकारों का समूह आदिवासी लोकनृत्य करते हुए आगे बढ़ा। रिखी क्षत्रिय के साथ जाने वाले कलाकारों में प्रदीप कुमार, संजीव कुमार बैस, पारस रजक, सुनील कुमार, भीमेश सतनामी, वेदप्रकाश देवांगन और प्रमोद शामिल हैं।

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