रायगढ़ के लिबरा में ग्रामीणों का पुलिस पर पथराव, एसडीओपी व टीआई सहित कई घायल

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रायगढ़, रायगढ़ जिले के तमनार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लिबरा के सीएचपी चौक में शुक्रवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस घटना में एसडीओपी, थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार, 8 दिसंबर 2025 को भौराभाठा में हुई जनसुनवाई के विरोध में सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर से धरने पर बैठे हुए हैं। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे धरना स्थल पर लगभग 300 लोग मौजूद थे, जिनमें से कुछ ग्रामीण सड़क पर बैठकर आवागमन बाधित कर रहे थे। सुबह करीब 10 बजे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा समझाइश देकर लोगों को धरना स्थल पर लगे टेंट में वापस कराया गया।

इसके बावजूद दिनभर भीड़ बार-बार उग्र होती रही और सड़क जाम करने का प्रयास करती रही। एसडीएम घरघोड़ा और पुलिस अधिकारियों द्वारा लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की जाती रही। इस दौरान आसपास के गांवों से और लोग पहुंचते गए, जिससे भीड़ की संख्या बढ़कर करीब एक हजार तक पहुंच गई।

दोपहर लगभग ढाई बजे अचानक भीड़ बेकाबू हो गई और बैरिकेड तोड़ते हुए पुलिस पर पत्थर और डंडों से हमला कर दिया। इस पथराव में एसडीओपी अनिल विश्वकर्मा, तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम और एक आरक्षक को गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा कई पुलिसकर्मी और महिला आरक्षक भी घायल हुए, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

उपद्रवी भीड़ ने मौके पर खड़ी पुलिस बस, जीप और एंबुलेंस में आग लगा दी तथा कई शासकीय वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद भीड़ जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट की ओर बढ़ी, जहां प्लांट में घुसकर कन्वेयर बेल्ट, दो ट्रैक्टर और अन्य वाहनों में आगजनी की गई तथा कार्यालय में तोड़फोड़ की गई।

भीड़ को शांत कराने विधायक लैलूंगा विद्यावती सिदार, कलेक्टर रायगढ़ और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे, लेकिन उनके पहुंचने पर भी भीड़ ने पथराव किया और पुनः सीएचपी प्लांट में आगजनी की घटना को अंजाम दिया। फिलहाल क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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