ओशो निर्वाण दिवस पर भिलाई-3 में दो दिवसीय ध्यान शिविर संपन्न

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ओशो आश्रम में स्वामी प्रेम चेतन के सान्निध्य में साधकों ने किया ध्यान, साझा किए अनुभव

भिलाई-3, ओशो निर्वाण दिवस के पावन अवसर पर उमदा रोड स्थित ओशो आश्रम, भिलाई-3 में रविवार से दो दिवसीय ध्यान शिविर का शुभारंभ हुआ। इस आध्यात्मिक आयोजन का उद्देश्य साधकों को ध्यान, आत्म-जागरूकता और आंतरिक शांति के मार्ग से जोड़ना है। शिविर का संचालन वरिष्ठ ओशो संन्यासी स्वामी प्रेम चेतन द्वारा किया जा रहा है।

ध्यान और आत्म-जागरूकता पर विशेष जोर

शिविर के दौरान ओशो की ध्यान विधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को वर्तमान क्षण में जीने, तनाव मुक्त होने और स्वयं को पहचानने की प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है। स्वामी प्रेम चेतन ने बताया कि ध्यान केवल साधना नहीं, बल्कि जीवन को जागरूकता के साथ जीने की कला है, जिससे व्यक्ति अपने भीतर सकारात्मक परिवर्तन अनुभव करता है।

कई जिलों से पहुंचे साधक

इस दो दिवसीय ध्यान शिविर में भिलाई, रायपुर, दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में साधक शामिल हुए हैं। सभी साधकों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ ध्यान सत्रों में भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए। शिविर में शांति, अनुशासन और ऊर्जा का विशेष वातावरण देखने को मिला।

भिलाई में आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनता ओशो आश्रम

ओशो आश्रम, भिलाई-3 में नियमित रूप से आयोजित होने वाले ऐसे ध्यान शिविर न केवल साधकों को मानसिक और आत्मिक संतुलन प्रदान कर रहे हैं, बल्कि क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना को भी सशक्त बना रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक सोच और शांति का संदेश देते हैं।*समापन पर साधकों ने साझा किए ध्यान अनुभव

शहर में आयोजित आध्यात्मिक शिविर का समापन रविवार को सामूहिक ध्यान एवं अनुभव-साझाकरण के साथ हुआ। शिविर के अंतिम दिन साधकों ने अपने ध्यान अनुभव साझा किए और बताया कि नियमित साधना से मानसिक शांति, आत्मिक ऊर्जा एवं सकारात्मक सोच में वृद्धि हुई है।

समापन सत्र में सभी साधकों ने सामूहिक ध्यान किया, जिससे वातावरण पूर्णतः शांत और ऊर्जावान हो गया। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के आध्यात्मिक शिविर व्यक्ति के मानसिक और आत्मिक विकास में सहायक होते हैं।

आयोजकों ने जानकारी दी कि भविष्य में भी ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग ध्यान और साधना के लाभ प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने आयोजन की सराहना की और आभार व्यक्त किया।

समापन पर साधकों ने साझा किए ध्यान अनुभव

शहर में आयोजित आध्यात्मिक शिविर का समापन रविवार को सामूहिक ध्यान एवं अनुभव-साझाकरण के साथ हुआ। शिविर के अंतिम दिन साधकों ने अपने ध्यान अनुभव साझा किए और बताया कि नियमित साधना से मानसिक शांति, आत्मिक ऊर्जा एवं सकारात्मक सोच में वृद्धि हुई है।

समापन सत्र में सभी साधकों ने सामूहिक ध्यान किया, जिससे वातावरण पूर्णतः शांत और ऊर्जावान हो गया। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के आध्यात्मिक शिविर व्यक्ति के मानसिक और आत्मिक विकास में सहायक होते हैं।

आयोजकों ने जानकारी दी कि भविष्य में भी ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग ध्यान और साधना के लाभ प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने आयोजन की सराहना की और आभार व्यक्त किया।

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