म्यूल बैंक खातों की खरीद-बिक्री करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, ऑनलाइन सट्टे में इस्तेमाल हो रहे थे खाते
भिलाई, ऑनलाइन सट्टे के लेन-देन में उपयोग किए जाने वाले म्यूल बैंक खातों की खरीद-बिक्री के मामले में सुपेला पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बैंक खातों को कम कीमत पर खरीदकर अधिक कीमत पर दूसरे व्यक्तियों को बेचते थे। इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टे से जुड़ी रकम के लेन-देन में किए जाने की जानकारी भी मिली है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, एक बैंक पासबुक और तीन एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
मुखबिर की सूचना पर दाऊ बाड़ा तालाब के पास कार्रवाई
दुर्ग पुलिस के अनुसार, 15 अक्टूबर को सुपेला थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नीरज गायकवाड़ और उसका साथी अंशु साव ऑनलाइन सट्टे के लेन-देन में उपयोग होने वाले म्यूल बैंक खातों की खरीद-बिक्री में संलिप्त हैं। दोनों के दाऊ बाड़ा तालाब के पास मौजूद होने की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान बैंक खातों की खरीद-बिक्री और उनके उपयोग से संबंधित जानकारी सामने आई।
88 हजार रुपये में खरीदे खाते, एक लाख में बेचने की जानकारी
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार, नीरज गायकवाड़ ने अंशु साव से आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक के चार खाते 88 हजार रुपये में खरीदकर सिकंदर नामक व्यक्ति को एक लाख रुपये में बेचने की बात बताई। इस तरह खातों की खरीद-बिक्री में 12 हजार रुपये का अंतर सामने आया है।
जांच में यह जानकारी भी सामने आई कि खरीदे गए खातों में से एक खाते का उपयोग ऑनलाइन सट्टा पैनल से जुड़े लेन-देन में किया जा रहा था। क्यूआर कोड के माध्यम से प्राप्त रकम को सिकंदर द्वारा बताए गए बैंक खाते में अंतरित किए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बदले प्रतिमाह 25 हजार रुपये मिलने की जानकारी पुलिस को मिली है। इन तथ्यों की पुष्टि के लिए पुलिस आगे जांच कर रही है।
80 हजार रुपये में खरीदे चार खाते, 88 हजार में बेचे
पूछताछ में अंशु साव ने करण सागरिया से आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक के चार म्यूल खाते 80 हजार रुपये में खरीदकर नीरज गायकवाड़ को 88 हजार रुपये में बेचने की जानकारी दी। पुलिस अब इन खातों के वास्तविक धारकों, उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
चार मोबाइल और तीन एटीएम कार्ड जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना से संबंधित चार मोबाइल फोन, एक बैंक पासबुक और तीन एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। मामले में अपराध क्रमांक 1552/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(2), 317(4) और 3(5) के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
म्यूल खाते बन सकते हैं साइबर ठगी का माध्यम
म्यूल बैंक खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल दूसरे व्यक्तियों की रकम प्राप्त करने और उसे आगे अंतरित करने के लिए किया जाता है। कई मामलों में इन खातों का उपयोग साइबर ठगी, ऑनलाइन सट्टे और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन में किया जाता है। ऐसे मामलों में खाते के वास्तविक धारक के साथ-साथ खातों की व्यवस्था करने और उनका इस्तेमाल कराने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आती है।
दोनों आरोपी सुपेला क्षेत्र के निवासी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नीरज गायकवाड़ (25 वर्ष), निवासी कृष्णा नगर, अंबेडकर चौक, सुपेला तथा अंशु साव (22 वर्ष), निवासी स्पर्श अस्पताल के पास, पुरानी बस्ती, सतनामी पारा, सुपेला, भिलाई के रूप में हुई है।
इस कार्रवाई में सुपेला थाना प्रभारी निरीक्षक एस.एन. सिंह, उप निरीक्षक चितराम ठाकुर तथा आरक्षक कमल याहू और मनोज सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बैंक खाता किराये पर देने से बचें : पुलिस
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, मोबाइल नंबर अथवा बैंक खाते से जुड़ी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। कम समय में अधिक कमाई के लालच में बैंक खाते किराये पर देना या बेचना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। यदि किसी को अपने खाते के दुरुपयोग की आशंका हो, तो तत्काल संबंधित बैंक और पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने नागरिकों से संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी साझा कर साइबर अपराधों की रोकथाम में सहयोग करने की अपील की है।
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