बिजली की मांग को लेकर कंपकपांती ठड में आदिवासी हाइवे पर बैठे

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रायपुर। विद्युतीकरण की मांग को लेकर गरियाबंद जिले के मैनपुर अंतर्गत राजापड़ाव–गौरगांव क्षेत्र के आदिवासी ग्रामीण आंदोलन पर उतर गए हैं। सोमवार सुबह सात बजे से मैनपुर–देवभोग–गरियाबंद राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क जाम कर बैठे रहे। कड़ाके की ठंड के बावजूद ग्रामीण 12 घंटे से अधिक समय तक डटे रहे। जाम के कारण इस राष्ट्रीय मार्ग पर कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई, जिससे ओडिशा से रायपुर तक आवागमन करने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आंदोलनकारियों ने साफ कहा है कि जब तक गांवों में विद्युतीकरण का कार्य प्रारंभ नहीं होता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। राशन, पानी, बैनर और तख्तियों के साथ बैठे ग्रामीण शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। मौके पर एसडीएम, एसडीओपी और बिजली विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित ग्रामीण ठोस कार्रवाई और लिखित आश्वासन से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं। बाद में अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे भी मौके पर पहुंचकर बातचीत में जुटे रहे।

जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम और लोकेश्वरी नेताम के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं, पुरुष, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। आंदोलनकारियों का कहना है कि आजादी के 78 साल बाद भी क्षेत्र के कई गांव अंधेरे में हैं। बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई, सिंचाई, रोजगार, लघु उद्योग, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ रहा है। जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने आरोप लगाया कि करीब डेढ़ माह पहले ज्ञापन देने के बावजूद केवल आश्वासन मिले। स्वीकृत विद्युतीकरण कार्य भी अचानक रोक दिए गए। लोकेश्वरी नेताम ने कहा कि यह आंदोलन आर-पार का है और जब तक विद्युतीकरण कार्य शुरू नहीं होगा, तब तक ग्रामीण सड़क से नहीं हटेंगे।

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