भिलाई। सुपेला थाना क्षेत्र की तीन नाबालिग बच्चियां घर से पापा के डांट फटकार से बचने के लिए बिना बताए घर से निकल गईं और ट्रेन में सवार होकर बिलासपुर के उसलापुर पहुंच गईं। परिजन रात भर उनकी खोजबीन करते रहे और अगली सुबह सुपेला थाना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। दुर्ग पुलिस और जीआरपी बिलासपुर की त्वरित कार्रवाई से बच्चियां एक दिन बाद सकुशल घर लौट आईं।
बच्चियों के मन में भय और तनाव को देखते हुए दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल सोमवार को स्वयं उनके घर पहुंचे। उन्होंने तीनों बच्चियों से मिलकर हाल-चाल जाना और तोहफे, मिठाई व चॉकलेट देकर उनका मनोबल बढ़ाया। एसएसपी ने उन्हें समझाया कि अब बिना बताए घर से बाहर न निकलें, पढ़ाई पर ध्यान दें और किसी अंजान व्यक्ति पर भरोसा न करें। बच्चियों ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसा दोबारा नहीं होगा। इसके बाद एसएसपी ने पैरेंट्स से भी मुलाकात कर बच्चों को प्यार से समझाने और सही-गलत की शिक्षा देने की सलाह दी।
मामला 6 फरवरी 2026 का है, जब अर्जुन नगर कैंप-1, सुपेला की तीनों बच्चियां घर छोड़कर निकलीं। स्मृति नगर के सुपर मार्केट में एक बच्ची ने चॉकलेट छिपाई, जिसे स्टाफ ने पकड़ लिया। हालांकि बच्चियां वहां से भागकर सीधे पावरहाउस रेलवे स्टेशन पहुंच गईं और ट्रेन में सवार हो गईं। पुलिस ने अलग-अलग टीमों का गठन कर सीसीटीवी फुटेज, गवाहों और संभावित स्थानों की पतासाजी की। आरपीएफ, जीआरपी और चाइल्ड लाइन से समन्वय कर बालिकाओं को सकुशल बरामद किया गया।
बालिकाओं को पहले सुरक्षित चिल्ड्रन होम में रखा गया, फिर सुबह परिजनों के सुपुर्द किया गया। इस घटना ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई और एसएसपी विजय अग्रवाल की मानवीय संवेदनशीलता को उजागर किया। बच्चियों और परिजनों ने सुरक्षा और समझदारी के लिए पुलिस और अधिकारियों को धन्यवाद दिया।


