“राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पंच परिवर्तन को लेकर आगे बढ़ रहा है – अजय पाठक”

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विजयादशमी उत्सव पर भिलाई–3 में हुआ भव्य आयोजन, शस्त्र पूजन और एकत्रीकरण कार्यक्रम संपन्न

भिलाई 3, व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण में अक्षय ध्येयनिष्ठा के साथ माँ भारती के सेवा ने सतत लीन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की गौरवशाली 100 वर्षों की यात्रा पूर्ण हुई है ।
शताब्दी वर्ष में विजयादशमी उत्सव पर्व को वार्डो एवं ग्राम स्तर तक मानने की योजना से भिलाई–चरोदा नगर को दस बस्तियों में विभाजित किया गया है। तीन बस्ती में पथ संचलन और सात बस्तियों में एकत्रीकरण किया जाना निर्धारित किया गया है। पदुमनगर व सिरसाकला बस्ती में संचलन हो चुका है, विजयादशमी उत्सव पर्व पहला एकत्रीकरण गांधी नगर, बजरंग पारा एवं आजाद चौक भिलाई 3 बस्ती का एकत्रीकरण एवं शस्त्र पूजन का कार्यक्रम दुर्गा पंडाल आजाद चौक में रखा गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता–  अजय पाठक  (शिक्षाविद समाज सेवी ) थे तथा मुख्य अतिथि  कुंजलाल नेताम (वरिष्ठ समाज सेवक) उपस्थित थे।

परम पूज्य भगवा ध्वज के नीचे भारत माता, हेगडेवार  एवं गोलवलकर  के तेल्य चित्र एवं शस्त्र का पूजन किया गया।
सुभाशीष – प्रदीप वर्मा ने, अमृत वचन – वोमन निर्मलकर ने, गीत – हरि केशव डडसेना ने लिया तथा परिचय– संजय ठाकुर ने कराया।

मुख्य वक्ता अजय पाठक  ने कहा कि विजय दशमी उत्सव सिर्फ उत्सव नहीं बल्कि शौर्य, पराक्रम एवं शक्तिशाली होने का बोध करता है । सन 1925 में इसी दिन माँ भारती की एकता और अखंडता की सेवा के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना की गई थी जो दक्षिणपंथी हिन्दू अर्धसैनिक संगठन था । प्रथम सर संघ चालक केशव बलिराम हेगडेवार  एवं द्वितीय सर संघ चालक गोलवलकर  ने कार्य को आगे बढ़ाने लगे, उन्हें अनेकों कठिनाइयों का सामना करते हुए बिना हिम्मत हारे चलते रहे जो आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी शाखा पहुंचा चुके है, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ विश्व में सबसे बड़ी गैर राजनीतिक संगठन है जो सिर्फ राष्ट्रहित में कार्य करती है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ आज सामाजिक समरसता, कुटुंबकम् प्रबोधन, पर्यावरण, स्वदेशी एवं नागरिक कर्तव्यों को लेकर चलते हुए संगठित समाज के माध्यम से देश विकसित भारत व विश्व गुरु बने ।

इस अवसर पर भाजपा जिला भिलाई के महामंत्री  प्रेम लाल साहू, मंडल मंत्री तुलसी मरकाम, मीना गिरी, सोनी, राजेश सिंह, दयादास साहू, अश्वनी पूरी गोस्वामी, सजन माली, एकांत सिंह, गोपाल महंत, पारसनाथ सोनी, सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित थे।

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