प्रथम वर्ष की छात्राओं का लैम्प लाइट कार्यक्रम हुआ दुर्ग में
दुर्ग, जनरल नर्सिंग एवं मिडवाइफरी (जीएनएम) प्रशिक्षण केंद्र दुर्ग की प्रथम वर्ष की छात्राओं का लैम्प लाइटिंग समारोह दुर्ग के एक होटल में हुआ। प्राचार्य पुष्पा बांधे ने स्वागत भाषण में बताया कि नर्सिंग कैडर एक ऐसा कैडर जो मरीजों की सेवाएं प्रदान करने की महत्वपूर्ण कड़ी है इसलिए इनको सेवा प्रारंभ करने के पूर्व प्रशिक्षण सत्र से प्रतिज्ञा शपथ दिलाई जाती है कि सभी मानव के मरीज के प्रति एक समरूपता और निस्वार्थ भाव से सेवा कर उसको स्वास्थ्य लाभ प्रदान करना मूल कर्तव्य है।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज के अपरिहार्य कारणों से उपस्थित नहीं हो सके लेकिन उनका संदेश नर्सिंग की छात्राओं के समक्ष पढ़ा गया, जिसमें उन्होंने सभी नर्सिंग की छात्राओं को हमेशा मरीज के प्रति एक ईमानदारी लगन और परिवार के सदस्य के समान सेवा देकर उसके अंदर आत्मविश्वास पैदा करने का आह्वान किया।
अध्यक्षता कर रहे सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने कहा कि परिचारिकाएं यानि नर्सों के बिना मरीजों की देखभाल उपचार ओर रखरखाव नामुमकिन है, इसलिए इस सेवाकार्य का समाज में विशिष्ट स्थान है। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा में किसी भी नर्स का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। संभागीय अध्यक्ष अजय नायक ने कहा कि भविष्य में आप जहां भी सेवा दें, अपने कुशल व्यवहार और बेहतरीन संवाद का परिचय दें।
सीडा अध्यक्ष डॉ. विनिता धुव्र ने कहा कि चिकित्सक और मरीज के बीच सेतु की भूमिका नर्सिंग कैडर की है। मेट्रन बोरकर ओर नर्सिंग प्रकोष्ठ की अध्यक्ष मंजू राय ने नर्सिंग छात्राओं को उज्जवल भविष्य की बधाई दी वहीं नवीन प्रवेश पाने वाली छात्राओं को इस कैडर का महत्व और गुणवत्ता ओर नि स्वार्थ सेवा के मूल्यों को समझया। आयोजन में सिस्टर टयूटर रंजना सोनवानी, अमृता राजपूत, मानकुंवर गंधर्व, गीता साव, फार्मासिस्ट रमन गंर्धव और विजेंद्र वर्मा सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।


