काठमांडू, 21 फ़रवरी, सहारनपुर के सुप्रसिद्ध कवि, समाजसेवीं एवं शिक्षाविद् सुनील कुमार खुराना को नेपाल की राजधानी काठमांडू में मातृभाषा रत्न अंतर्राष्ट्रीय मानद उपाधि सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर प्रदान किया गया। यह गरिमामयी सम्मान नेपाल की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल द्वारा प्रदान किया गया। समारोह का उद्देश्य नेपाल-भारत मैत्री विकास, देवनागरी लिपि के संरक्षण एवं संवर्धन, हिंदी-नेपाली जैसी मैत्री भाषाओं के वैश्विक प्रचार-प्रसार के साथ-साथ देश-विदेश के कवि, लेखक, साहित्यकार एवं शिक्षकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर नेपाल, भारत सहित पाँच देशों की लगभग एक हजार साहित्यिक एवं शैक्षिक प्रतिभाओं को मातृभाषा रत्न मानद उपाधि तथा मातृभाषा गौरव सम्मान से अलंकृत किया गया। इसी क्रम में सुनील कुमार खुराना को उनके उल्लेखनीय साहित्यिक, शैक्षिक एवं सामाजिक योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र (सर्टिफिकेट) प्रदान कर सम्मानित किया गया। सुनील कुमार खुराना के साथ ही चार देश की एक हजार प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया है, जिसमें से 17 वर्ष की नव प्रतिभा से लेकर 86 वर्ष के अग्रजों का सम्मान किया गया है। सुनील कुमार खुराना चर्चित कवि, शिक्षक, समाजसेवी एवं साहित्यिक संपादक हैं। उनकी अनेक कृतियाँ सैकड़ों पुस्तक और पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। वे विभिन्न साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़े हुएं हैं और इससे पूर्व भी उन्हें अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
सम्मान अवसर पर संस्था के अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु ने बधाई देते हुए कहा कि शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन का उद्देश्य प्रतिभाशाली रचनाकारों को प्रोत्साहित कर उनमें नव ऊर्जा का संचार करना है। उन्होंने कहा कि सुनील कुमार खुराना जैसा लोकप्रिय शिक्षक एवं संवेदनशील कवि का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना अत्यंत गौरव का विषय है। सुनील कुमार खुराना उच्च प्राथमिक विद्यालय बाधी नकुड़ सहारनपुर उत्तर प्रदेश भारत में सहायक अध्यापक के पद के कार्यरत हैं। इनके सैकड़ों साझा संकलन प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी कविताएँ समाज को सकारात्मक दिशा और प्रेरक संदेश देती हैं।
सुनील कुमार खुराना के इस सम्मान की सूचना मिलते ही साहित्यिक जगत में हर्ष का वातावरण है। उनके शुभचिंतकों, मित्रों एवं साहित्यप्रेमियों ने उन्हें बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।


