दुर्ग, हल्द्वानी, विगत दिनों प्राथमिक विद्यालय देवलचौड, हल्द्वानी में प्रवाह परिवार के तत्वावधान में एक भव्य एवं प्रेरणादायी बाल काव्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग चालीस नन्हे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से न केवल उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया, बल्कि समाज को सार्थक संदेश भी प्रदान किया।

बच्चों ने अपनी कविताओं के माध्यम से रिश्तों के महत्व को रेखांकित करते हुए परिवार, सामूहिकता एवं योग जैसे जीवन मूल्यों का संदेश दिया। कुछ विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण पर प्रभावशाली प्रस्तुति देते हुए आज की पीढ़ी से आग्रह किया कि वे कंक्रीट के जंगलों के स्थान पर वृक्षों से सुसज्जित हरित वसुंधरा के निर्माण का संकल्प लें। वहीं कई बच्चों ने अपने गुरुजनों के प्रति स्नेह, सम्मान और कृतज्ञता को भावपूर्ण शब्दों में अभिव्यक्त किया।

कार्यक्रम का अत्यंत सजीव एवं प्रभावशाली संचालन विद्यालय की शिक्षिका डॉ. आभा सिंह भैसोड़ा द्वारा किया गया। उनके सौम्य एवं उत्साहवर्धक संचालन ने पूरे वातावरण को ऊर्जा से भर दिया।
मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित पार्षद एवं मुखानी मंडल के महामंत्री, भाजपा नेता व शिक्षक राजेश पंत ने बच्चों की भावनाओं की सराहना करते हुए अपने बचपन के प्रेरक संस्मरण साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दी।



इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या पुष्पा सुयाल ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान शिक्षिकाएँ भी बच्चों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ी रहीं और मानो स्वयं भी अपने बचपन की स्मृतियों में लौट गईं वे फूलों सी झूमती और भंवरों सी गुनगुनाती नजर आईं।
प्रवाह परिवार के संस्थापक हिमांशु पाठक ने इस अवसर पर कहा कि, “बाल मन की संवेदनाएँ ही समाज के भविष्य की दिशा तय करती हैं। जब बच्चे कविता के माध्यम से परिवार, संस्कार, पर्यावरण और गुरु-शिष्य परंपरा की बात करते हैं, तो यह केवल मंचीय प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक सशक्त सामाजिक संदेश होता है। प्रवाह परिवार का उद्देश्य है कि ऐसे मंचों के माध्यम से नन्ही प्रतिभाओं को निरंतर अभिव्यक्ति का अवसर मिले और उनमें आत्मविश्वास, संवेदना व जिम्मेदारी का विकास हो।”
अंत में प्रतिभागी विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं टॉफियाँ वितरित कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर प्रवाह परिवार के संस्थापक ने विद्यार्थियों, समस्त शिक्षिकाओं जोशी, कांडपाल, आभा प्रधानाचार्या महोदया एवं मुख्य अतिथि सहित उपस्थित सभी अतिथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
यह आयोजन नन्हे मनों की रचनात्मकता, संस्कारों और सामाजिक चेतना का सशक्त उदाहरण बनकर स्मरणीय रहेगा।


