शीतकाल में बढ़ते वायु प्रदूषण पर सख्ती, भिलाई-दुर्ग में 3 उद्योगों पर कार्रवाई

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उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों के सतत संचालन के निर्देश, उल्लंघन पर जुर्माना

भिलाई, जिला दुर्ग, शीतकाल में वातावरण में उत्सर्जन एवं प्रदूषण की मात्रा को लेकर क्षेत्रीय कार्यालय, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, भिलाई, जिला–दुर्ग सजग रहते हुए आवश्यक कार्यवाही कर रहा है। रिहायशी क्षेत्रों के घरेलू कचरा न जलाया जाए इस बाबत निगरानी रखी जा रही है। साथ ही औद्योगिक इकाइयों का भी निरीक्षण किया जा रहा है।

उद्योगों में उनकी प्रकृति के अनुरूप वायु प्रदूषण के नियंत्रण हेतु स्थापित उपकरणों यथा ईएसपी, बैग फिल्टर, वेट स्क्रबर, डस्ट कलेक्टर का सतत संचालन सुनिश्चित करवाया जा रहा है। तथापि उद्योगों से उत्सर्जन की स्थिति पाए जाने पर उद्योगों के विरुद्ध वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है। विगत माह नवम्बर 2025 में उद्योगों से उत्सर्जन की स्थिति पाए जाने के कारण क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा कार्यवाही करते हुए औद्योगिक क्षेत्र स्थित 02 उद्योगों मेसर्स विष्णु केमिकल्स लिमिटेड, प्लाट नंबर–18–26, इण्डस्ट्रियल एरिया, भिलाई जिला–दुर्ग एवं मेसर्स बंसल ब्रदर (फेरो एलायज डिविजन), प्लाट नंबर–10, 11ए, 11बी(पी), 11बी, 12ए, एण्ड 12बी, इण्डस्ट्रियल एरिया, भिलाई जिला–दुर्ग तथा मेसर्स औद्योगिक विकास केन्द्र बोर्ड ग्राम–रसमड़ा स्थित 01 उद्योग मेसर्स टॉपवर्थ स्टील एण्ड पावर प्राइवेट लिमिटेड पर वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के प्रावधानों के तहत नोटिस जारी किया गया एवं कुल रुपये–1,40,000/- पर्यावरण क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई है।

क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा नियमित रूप से औद्योगिक क्षेत्रों की निगरानी रखी जा रही है। किसी भी उद्योग से उत्सर्जन की स्थिति पाए जाने पर उद्योग के विरुद्ध वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत कार्यवाही की जाएगी। सड़कों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने, जल छिड़काव आदि की व्यवस्था करने एवं उनके सतत संचालन/संधारण हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा औद्योगिक क्षेत्र में सड़कों की धूल को नियंत्रित करने सीएसआईडीसी को पत्र लिखा गया है।

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