22 जुलाई को स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन, लंबित मांगों के निराकरण की उठाई आवाज

Editor
By Editor 4 Min Read

वेतन विसंगति, पदोन्नति, नियमित भर्ती, ठेका प्रथा समाप्त करने और रिपोर्टिंग के लिए एकीकृत पोर्टल की मांग; भोजन अवकाश के दौरान मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के नाम सौंपेंगे ज्ञापन

दुर्ग, छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों की लंबे समय से लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग उठाई है। संघ के प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया से आग्रह किया है कि शासन और संचालनालय स्तर पर लंबित मामलों का जल्द समाधान किया जाए, ताकि प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मचारियों को राहत मिल सके।

उन्होंने कहा कि विभाग में वेतन विसंगति, विभिन्न कैडरों की पदोन्नति, जीवनदीप समिति के कर्मचारियों का नियमितीकरण, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की मांगों का निराकरण तथा एक समय पर ओपीडी संचालन जैसे महत्वपूर्ण विषय लंबे समय से लंबित हैं। इन मांगों के कारण कर्मचारियों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है।

प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने कहा कि फील्ड में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों पर अत्यधिक कार्यभार है। उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी करीब 20 अलग-अलग ऑनलाइन पोर्टलों में दर्ज करनी पड़ती है, वहीं अधिकांश पोर्टलों की तकनीकी समस्याओं के कारण ऑफलाइन रिकॉर्ड भी अलग से रखना पड़ता है। कई बार घंटों तक डेटा अपलोड नहीं हो पाता, जिससे कर्मचारियों का अधिकांश समय कंप्यूटर पर ही बीत जाता है और फील्ड में जाकर हितग्राहियों को स्वास्थ्य सेवाएं देने का समय प्रभावित होता है।

उन्होंने बताया कि लगातार ऑनलाइन रिपोर्टिंग, लक्ष्य आधारित कार्य और प्रतिदिन होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दबाव से स्वास्थ्य कर्मचारी मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कई नोडल अधिकारी स्वयं फील्ड में निरीक्षण के लिए नहीं जाते, लेकिन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दो-तीन दिनों में लक्ष्य पूरा करने का दबाव बनाया जाता है।

इम्पेकस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओ.पी. शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों पर नियमित भर्ती की जानी चाहिए तथा स्वीकृत पदों को समाप्त करने के बजाय उन्हें जीवंत रखा जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण से व्यवस्था मजबूत होने के बजाय और अधिक प्रभावित होगी। उन्होंने लैब सेवाओं को निजी कंपनियों को सौंपने के निर्णय का भी विरोध किया।

संघ ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग रिपोर्टिंग पोर्टलों के स्थान पर एकीकृत पोर्टल विकसित करने, ओटीपी आधारित अनिवार्य प्रक्रिया समाप्त करने तथा प्रत्येक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और स्वास्थ्य केंद्र में डाटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति की मांग भी की है।

संघ के अनुसार, 22 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में भोजन अवकाश के दौरान सांकेतिक ध्यानाकर्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नाम कलेक्टर तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में ठेका प्रथा समाप्त करने, नियमित भर्ती करने, विभागीय लंबित मांगों का निराकरण करने तथा लैब सेवाओं के निजीकरण का विरोध प्रमुख रूप से शामिल रहेगा।

छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की प्रांतीय बैठक में प्रांताध्यक्ष अनिल पांडेय की अध्यक्षता में यह निर्णय लिया गया कि प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ ध्यानाकर्षण कार्यक्रम आयोजित कर सरकार का ध्यान स्वास्थ्य कर्मचारियों की मूलभूत मांगों की ओर आकर्षित किया जाएगा। संघ ने उम्मीद जताई है कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी।

Link : https://shricgnewscreator.com/statewide-attention-drawing-protest-by-health-workers-on-july-22-voices-raised-for-the-resolution-of-pending-demands/

Share This Article