दुर्ग। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बिजली कंपनी के डायरेक्टर राम अवतार पाठक ने दुर्ग रीजन अंतर्गत दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिलों की सोलर एजेंसियों और मैदानी अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में योजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पोर्टल पर पंजीकृत सभी उपभोक्ताओं के घर तक सोलर एजेंसियां स्वयं पहुंचें और निर्धारित समय-सीमा में सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर उपभोक्ताओं को योजना का लाभ सुनिश्चित करें।
डायरेक्टर पाठक ने कहा कि बैंकों से लोन स्वीकृत होने के बावजूद कई मामलों में रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने में अनावश्यक देरी की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। ऐसे लापरवाह वेंडरों को चिन्हित कर ब्लैकलिस्ट किया जा रहा है। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि तय समय में कार्य पूर्ण नहीं करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लोन स्वीकृति के बाद भी दो से तीन माह तक सोलर संयंत्र स्थापित नहीं करने वाले वेंडरों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी, साथ ही उनका पंजीयन रद्द कर जमा राशि जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्य अभियंता संजय खंडेलवाल ने कहा कि बकाया राजस्व वसूली के साथ-साथ पीएम सूर्य घर योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी जोन और वितरण केंद्र स्तर पर 300 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं की सूची बनाकर उन्हें योजना से जोड़ने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने सौर संयंत्रों के सिंक्रोनाइजेशन की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में स्टेट नोडल अधिकारी नार्गाजुन बिम्बसार, अधीक्षण अभियंता जे. जगन्नाथ प्रसाद, आर. के. मिश्रा सहित दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिलों के सभी कार्यपालन अभियंता और सोलर एजेंसियों के संचालक उपस्थित रहे। बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीयकृत बैंकों को आसान लोन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर योजना का लाभ मिल सके।


