प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने किया केन्द्रीय परीक्षण प्रयोगषाला भिलाई में दो स्मार्ट मीटर बेंच का उद्घाटन
भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायतों का समाधान और उनकी सटीकता की जांच भिलाई में ही हो सकेगी।
ज्ञात हो कि पूरे प्रदेश में पहले केवल एक ही मीटर परीक्षण प्रयोगषाला भिलाई में स्थापित थी, जहां उपलब्ध एक ही बेंच पर पूरे प्रदेश के सभी प्रकार के मीटरों का परीक्षण किया जाता था। पूरे प्रदेश की मीटरों की जांच करने में समय लगता था, इसलिए राज्य सरकार ने पॉवर कंपनी के प्रस्ताव पर 06 करोड़ 82 लाख रुपए की लागत से प्रदेश के रायपुर एवं बिलासपुर में नई मीटर टेस्टिंग लैब एवं भिलाई में पूर्व से स्थापित लैब की क्षमता वृद्धि की स्वीकृति प्रदान की। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने भिलाई-तीन स्थित केंद्रीय परीक्षण प्रयोगशाला(मीटर टेस्टिंग लैब) में 06 जनवरी को लगभग 02 करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से स्थापित दो नई स्मार्ट मीटर बेंचों का उद्घाटन किया। प्रयोगशाला में पूर्व से ही स्थापित बेंच पर एक साथ 20 मीटरों की जांच की जा सकती है। अब प्रयोगशाला में कुल तीन बेंच हो गए हैं। जिससे प्रयोगशाला की क्षमता बढ़ गई है, अब एक साथ 60 मीटरों की जांच की जा सकती है।
प्रयोगशाला में स्थापित नई स्मार्ट मीटर बेंच मशीनें जर्मनी की अत्याधुनिक ‘‘जेरा’’ कंपनी की हैं। प्रयोगशाला में एक थ्री-फेस और एक सिंगल-फेस बेंच लगाई गई है, जिससे सभी प्रकार के स्मार्ट मीटरों की जांच संभव होगी। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक एस.के. ठाकुर, शिरीष शैलेट, मुख्य अभियंता एम. जामुलकर, चंद्रकला गिडवानी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता रश्मि वर्मा सहित अधीक्षण अभियंता आर.के. मिश्रा, जे.जगन्नाथ प्रसाद, मनोज वर्मा, l पी.एल. सिदार, आर.के. चन्द्राकर और कार्यपालन अभियंता अविनाश चौहान जैसे कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता संजय खंडेलवाल ने कहा कि वर्तमान में स्मार्ट मीटरों की अनिवार्यता को देखते हुए उपभोक्ताओं में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है। यदि किसी उपभोक्ता को अपने स्मार्ट मीटर की रीडिंग या कार्यप्रणाली पर संदेह है, तो वे निर्धारित शुल्क जमा कर प्रयोगशाला में अपने मीटर की जांच करवा सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि यह छत्तीसगढ़ की पहली प्रयोगशाला है जिसे राष्ट्रीय परीक्षण और शोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) से मान्यता प्राप्त है। यहाँ मीटर टेस्टिंग के अलावा केबल, कंडक्टर एवं सीटीपीटी की जांच भी की जाती है। वर्तमान में यहाँ पावर और डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण कार्य प्रगति पर है।


