डॉ. खूबचंद बघेल शासकीय स्नातकोत्तर महावि‌द्यालय, भिलाई-3 में सात दिवसीय मिलेट्स प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ

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स्वस्थ आहार की ओर कदम: ज्वार, बाजरा, रागी से पौष्टिक केक-कपकेक-कुकीज़ बनाने की कार्यशाला

भिलाई, डॉ. खूबचंद बघेल शासकीय स्नातकोतर महाविद्यालय, भिलाई-3 में स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा पारंपरिक अनाजों के महत्व को प्रोत्साहित करने के उ‌द्देश्य से सात दिवसीय ‘मिलेट्स प्रशिक्षण कार्यशाला” का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यशाला का शुभारंभ महावि‌द्यालय की प्राचार्य डॉ. अश्विनी महाजन के मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर उन्होंने अपने उ‌द्बोधन में कहा कि मिलेट्स केवल पारंपरिक खा‌द्यान्न ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी आहार हैं। उन्होंने बताया कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में लोग फास्ट फूड की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जिसके कारण अनेक स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे समय में मिलेट्स जैसे पौष्टिक और प्राकृतिक खा‌द्यान्नों को अपनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे मिलेट्स के महत्व को समझें और अपने परिवार तथा समाज में भी इसके उपयोग को बढ़ावा दें।

इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रियंका मोटघरे, (स्वस्थ बाजरा प्रशिक्षक, पाक विशेषज्ञ) तथा फॉरेस्ट मिलेट कैफे दुर्ग की संचालिका ने अपने उदबोधन में कहा कि मिलेट्स के पोषण संबंधी गुणों और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ने बताया की सात दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान मिलेट्स से बनने वाले विभिन्न व्यंजनों की विधि व्यावहारिक रूप से सिखाई जाएगी। जिसमे केक, कुकीज और कपकेक जैसे बेकरी उत्पादों को मिलेट्स के माध्यम से तैयार करने की प्रक्रिया बताई जाएगी। इसके अलावा रागी से बनने वाले विभिन्न पेय पदार्थों जैसे रागी शरबत, अमली तथा सत्तू ड्रिंक की विधि भी सिखाई जाएगी। साथ ही फॉक्सटेल मिलेट और ज्वार से बनने वाले सलाद की तैयारी भी सिखाई जाएगी, जिससे पौष्टिक और संतुलित आहार की अवधारणा को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को मिलेट्स खिचड़ी, पुलाव और कर्ड राइस जैसे स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन बनाना भी सिखाया जाएगा। आधुनिक खानपान को ध्यान में रखते हुए मिलेट्स से बनने वाले नूडल्स, पास्ता और सूप की विधि भी प्रशिक्षण के दौरान बताई जाएगी।

मिलेट्स से बने पौष्टिक व्यंजन

इस कार्यशाला में डॉ. अल्पना देशपांडे अपने उदबोधन में कहा कि मिलेट्स में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम और कई आवश्यक पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आज पूरे देश में मिलेट्स के प्रति जागरुकता बढ़ रही है और इसे “सुपर फूड” के रूप में भी देखा जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि मिलेट्स को सही तरीके से पकाया और प्रस्तुत किया जाए तो इससे कई स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं, जो स्वास्थ्यवर्धक होने के साथ-साथ स्वाद में भी उत्कृष्ट होते हैं। इस दौरान  अंकुश कुंदन वर्मन ने मिलेट्स केक, कुकीज और कपकेक जैसे बेकरी उत्पादों को तैयार किया।

इस कार्यशाला में मंच का संचालन  एनवी सुषमा ने किया। इस कार्यशाला में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं और मिलेट्स से बनने वाले विविध व्यंजनों को सीखने के प्रति विशेष रुचि दिखा रहे हैं।

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