ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम सुरक्षित, बिलासपुर रेल प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील
रायपुर। बिलासपुर में रेल हादसे के बाद गुरूवार को सोशल मीडिया पर विडियो व फोटो वायरल किया जा रहा था जिसमें कहा जा रहा था कि बिलासपुर के कोटमीसोनार और जयरामनगर स्टेशन के बीच एक ही ट्रैक पर दो मालगाड़ी और एक यात्री ट्रेन आमने-सामने आ गईं। यात्री ट्रेन के आगे और पीछे दोनों ओर मालगाड़ियां खड़ी होने से यात्रियों में दहशत फैल गई। घबराकर कई यात्री ट्रेन से नीचे उतर गए।
सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे इस विडियो व फोटो पर रेल प्रशासन की ओर से डा. सुस्कर विपुल विलासराव
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी बिलासपुर रेल मुख्यालय ने स्पष्ट किया कि यह ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली की सामान्य परिचालन है।
इस प्रणाली में प्रत्येक किलोमीटर की दूरी पर सिग्नल लगाए जाते हैं, जिसमें हर सिग्नल के बाद दूसरी ट्रेन चल सकती है । मालगाड़ी और यात्री गाड़ियों के लिए अलग – अलग ट्रैक नहीं होती है, दोनों एक ही ट्रैक पर चलती है और एक दूसरे के पीछे चलाई जाती है । रेलवे की ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली एक सुरक्षित कार्यप्रणाली है, और इस रेलखंड में 2023 से लागू है ।
उल्लेखनीय है कि बीते 4 नवम्बर को बिलासपुर एवं गतौरा के मध्य हुई घटना की जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा की जा रही है।
जांच 07 नवम्बर तक चलेगी। जांच के उपरांत सीआरएस द्वारा विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।


