भिलाई । जयंती स्टेडियम, सिविक सेंटर में आयोजित शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन रविवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
कथा में अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा और भक्ति की शक्ति का भावपूर्ण वर्णन किया। भीड़ का आलम यह था कि लोग पेड़ पर चढ़कर कथा श्रवण करते नजर आए।
पं. मिश्रा ने कहा, “भगवान शिव केवल तारणहार ही नहीं, सबसे बड़े सखा भी हैं। आज फ्रेंडशिप डे है, लेकिन सच्चा मित्र वही है, जो मृत्यु लोक से भी पार ले जाए—वह हैं महादेव।”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशिल्या देवी साय, डीजीपी अरुण देव गौतम, महापौर नीरज पाल, आयुक्त राजीव पांडेय, समाजसेवी तुलिका केडिया, यूपी भाजपा के पूर्व अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी, सहित अनेक विशिष्टजन मंच पर उपस्थित रहे।
भक्ति में संस्कार का महत्व बताते हुए, पं. मिश्रा ने कौशिल्या देवी साय द्वारा श्रावण मास में लाखों पार्थिव शिवलिंग निर्माण की पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “संस्कार कभी पद नहीं देखते। कौशिल्या देवी ने यह दिखाया कि ऊंचे ओहदे पर रहकर भी भक्ति और सेवा कैसे की जाती है।”
कथा में पं. मिश्रा ने शिक्षा, धन और संस्कार को जीवन के तीन आवश्यक स्तंभ बताया। साथ ही जरूरतमंदों की सेवा, बीमारों की मदद और डॉक्टर को शिव का रूप मानकर चिकित्सा लेने का संदेश भी दिया।
आयोजनकर्ता दया सिंह और उनकी बोल बम सेवा एवं कल्याण समिति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “भिलाई को ऐसा आयोजन मिलना दुर्लभ सौभाग्य है। यह शहर धर्म और सेवा की नई प्रेरणा बन रहा है।”


