दुर्ग। जिले में जमीन की नई कलेक्टर गाइडलाइन के विरोध में चल रहा आंदोलन सोमवार को अचानक तनावपूर्ण हो गया। पिछले एक सप्ताह से विरोध दर्ज करा रहे रियल एस्टेट कारोबारी इस दिन सुबह से ही बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट और रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर जुटने लगे। नारेबाजी और धरना जारी रहने के साथ भीड़ बढ़ती गई, जिससे परिसर के आसपास माहौल तनावपूर्ण होता गया। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने एहतियातन छह थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात कर दी।
करीब दोपहर 1 बजे प्रदर्शनकारी रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर कूच करने लगे। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, मगर भीड़ लगातार आगे बढ़ती रही। चेतावनी के बावजूद प्रदर्शनकारियों के नहीं रुकने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें पीछे धकेला। इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी अलग-अलग दिशाओं में भागे, लेकिन कुछ देर बाद फिर से एकत्र होकर विरोध जारी रखने लगे। इसके बाद पुलिस ने दोबारा बल प्रयोग करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पूरे घटनाक्रम में सात लोगों को हिरासत में लिया गया है और पुलिस उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नई गाइडलाइन के कारण जमीन की कीमतों में अप्राकृतिक बढ़ोतरी हो गई है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों—रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और अंबिकापुर—में कारोबारी लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई क्षेत्रों में जमीन की दरें 5 से 9 गुना तक बढ़ गई हैं।


