भिलाई। भिलाई–दुर्ग पुलिस एवं परिवहन विभाग ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों की जान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत रविवार को भिलाई–दुर्ग क्षेत्र की सभी स्कूल बसों की व्यापक और बारीकी से जांच की गई। जांच के दौरान खामियां पाए जाने पर चालानी कार्रवाई की गई तथा भविष्य में सुधार नहीं होने की स्थिति में बसों के परमिट निरस्तीकरण की अनुशंसा करने की चेतावनी दी गई।
11 जनवरी की सुबह भिलाई नगर थाना के सामने मैदान में परिवहन विभाग एवं ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा स्कूल बस जांच अभियान चलाया गया। पूर्व सूचना के आधार पर 200 से अधिक स्कूली बसें जांच के लिए पहुंचीं। जांच के दौरान बसों की मैकेनिकल स्थिति के साथ-साथ टैक्स, फिटनेस, बीमा, परमिट, स्पीड गवर्नर, जीपीएस, अग्निशमन यंत्र एवं वायु प्रदूषण प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। इसके अतिरिक्त हेडलाइट, बैकलाइट, हार्न तथा बस के भीतर स्वच्छता की भी जांच की गई। एक निर्धारित चेकलिस्ट के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि सभी बसें सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
मौके पर मौजूद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) ऋचा मिश्रा ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बार सभी स्कूलों से बसों की सूची मंगाकर क्रॉस चेकिंग की जा रही है, ताकि खानापूर्ति न हो सके। वहीं परिवहन विभाग के निरीक्षक सनत कुमार जांगड़े ने बताया कि जिन बसों में खामियां पाई गई हैं, उन पर चालानी कार्रवाई करते हुए शीघ्र सुधार के निर्देश दिए गए हैं। सुधार नहीं होने पर संबंधित बसों के परमिट निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।


