राष्ट्रीय काव्य रसिक संस्थान के बैनर तले भिलाई में हुआ भावनाओं और शब्दों का संगम
भिलाई। राष्ट्रीय काव्य रसिक संस्थान के बैनर तले छत्तीसगढ़ काव्य रसिक संस्थान की अध्यक्षा संध्या जैन के निवास शांति नगर, कोहका, भिलाई में विगत दिनों दिवाली मिलन एवं छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस साहित्यिक संध्या में भिलाई सहित रायपुर, महासमुंद, भाटापारा, दुर्ग और बिलासपुर से आए कवि एवं कवियित्रियों ने अपनी रचनाओं से ऐसा काव्य-रस घोला कि श्रोता मंत्रमुग्ध हो उठे।
कवियों ने बांधा समां, गूंजे काव्य के सुर
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ काव्य रसिक संस्थान की अध्यक्षा संध्या जैन (भिलाई), रायपुर संस्थान के महामंत्री अमृतांशु शुक्ला, आरव शुक्ला (रायपुर), योगेश्वर शर्मा ‘योगी’ (महासमुंद), पुष्पलता भार्गव ‘सुनंदा’ (भाटापारा), निवेदिता वर्मा ‘मेघा’ (दुर्ग), फिरीत राम पटेल (बिलासपुर), राकेश अयोध्या (भिलाई), अशोक चोपड़ा, डॉ. संध्या जैन राज, डा. नौशाद अहमद सिद्दीकी, तथा रियाज खान गौहर जैसे रचनाकारों ने भाग लेकर काव्य की अमृतधारा बहाई।
सभी कवियों ने विविध विषयों पर अपनी भावनाओं को शब्दों में पिरोते हुए प्रस्तुत किया—कहीं दीपावली की उजास थी तो कहीं मातृभूमि छत्तीसगढ़ के गौरवगान की गूंज सुनाई दी।
मां सरस्वती पूजन से हुआ शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ योगेश्वर शर्मा ‘योगी द्वारा मां सरस्वती के पूजन एवं माल्यार्पण से किया गया। तत्पश्चात कार्यक्रम की मेजबानी कर रहे कीर्तिकुमार जैन ने सभी आगंतुक कवियों का तिलक लगाकर एवं वरिष्ठ कवियों को शाल भेंटकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया।

कार्यक्रम के अंत में कीर्ति कुमार जैन एवं उनकी पुत्री त्रिशाला जैन ने सभी अतिथियों एवं कवियों का आभार व्यक्त करते हुए स्वल्पाहार कराया। काव्य गोष्ठी का समापन हर्ष और आत्मीयता के वातावरण में हुआ।
साहित्य और संस्कृति के संगम का सुंदर उदाहरण
इस आयोजन ने न केवल दिवाली और छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस की खुशियों को साझा किया, बल्कि साहित्यिक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक एकता का भी सशक्त संदेश दिया। कवियों की भावनात्मक प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रोताओं के हृदय को गहराई तक छू लिया।


