रायपुर मंडल में पहली बार उत्कृष्टता केंद्र से शुरू हुआ ALP का प्रारंभिक प्रशिक्षण, 80 नव नियुक्त पायलट शामिल
भिलाई। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर मंडल अंतर्गत भिलाई स्थित उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) में बुधवार 15 जनवरी 2026 को रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) से नव नियुक्त सहायक लोको पायलट (ALP) के प्रथम बैच का ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सांस्कृतिक भवन बी.एम.वाई. में किया गया, जिसमें कुल 80 नव नियुक्त सहायक लोको पायलट शामिल हुए।
इस अवसर पर दयानंद, मंडल रेल प्रबंधक, रायपुर मंडल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ अनुराग तिवारी, वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (परिचालन), अमित गुप्ता, वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (टीआरएस), सुरेश चंद्र, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी, प्रणेश कुमार, मंडल विद्युत अभियंता (टीआरएस), डॉ. प्रशन्ना आर. लोध, क्षेत्र प्रबंधक भिलाई, श्याम कुर्रे, सहायक मंडल विद्युत अभियंता (परिचालन) सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
ओरिएंटेशन कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य नव नियुक्त सहायक लोको पायलटों को यह समझाना था कि भारतीय रेल में सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा की एक बड़ी जिम्मेदारी है। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय रेल विश्व का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है, जो अनुशासन, समयपालन, सुरक्षा और सेवा भावना पर आधारित है। रेलवे संचालन में रनिंग स्टाफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सजग चालक दल कई संभावित दुर्घटनाओं को टाल सकता है।
अधिकारियों ने प्रशिक्षण अवधि के दौरान तकनीकी ज्ञान और सुरक्षा से जुड़े सभी विषयों को गंभीरता एवं सजगता से सीखने पर विशेष बल दिया। उल्लेखनीय है कि रायपुर मंडल में पहली बार नव नियुक्त सहायक लोको पायलटों का प्रारंभिक प्रशिक्षण 15 जनवरी 2026 से शुरू हो रहा है, जो मंडल के लिए एक नया आयाम स्थापित करेगा।
भिलाई का उत्कृष्टता केंद्र चालक दल के लिए एक विशिष्ट प्रशिक्षण संस्थान है, जहां आधुनिक कक्षा भवन, डाइनिंग परिसर, बोगी मॉडल सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आगामी प्रत्येक चार माह में लगभग 120 सहायक लोको पायलटों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि अगले एक वर्ष में करीब 600 ALP प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे भारतीय रेल के प्रमुख जोनों में से एक है, जो माल ढुलाई में लगातार राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम या द्वितीय स्थान पर बना हुआ है। हाल ही में केवल 267 दिनों में 200 मिलियन टन माल लदान का लक्ष्य प्राप्त कर एक नया मील का पत्थर स्थापित किया गया है। प्रशिक्षण उपरांत इन 80 नव नियुक्त सहायक लोको पायलटों के रायपुर मंडल में शामिल होने से लंबे समय से रिक्त पदों की पूर्ति होगी, जिससे पदोन्नति के नए अवसर बनेंगे और वर्तमान चालक दल की कार्यक्षमता, सुरक्षा एवं समयपालन में भी सकारात्मक सुधार आएगा।


