जनहित संघर्ष समिति ने खिलाड़ियों के हित में मैदान सुरक्षित रखने की उठाई मांग, टेंडर रद्द न होने पर आंदोलन की चेतावनी
भिलाई, जनहित संघर्ष समिति ने शांति नगर दशहरा मैदान को टेंडर में देने का विरोध किया है। समिति के जिला संयोजक शारदा गुप्ता ने कहा कि अगर शांति नगर दशहरा मैदान को टेंडर में दिया जाता है तो इसका विरोध किया जाएगा।
शारदा गुप्ता ने कहा कि शांति नगर दशहरा मैदान को टेंडर में देने के लिए निगम ने निविदा आमंत्रित की है, जिसमें खिलाड़ियों के लिए सुबह 6:00 से 8:00 और शाम को 5 से 7 बजे तक निशुल्क देने का प्रावधान रखा था। लेकिन यह प्रावधान खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त नहीं है, क्योंकि सैकड़ों खिलाड़ी सुबह 10:00 बजे तक निरंतर अभ्यास करते हैं। और शाम को 8:00 बजे तक अभ्यास करते हैं कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर के यहां से निकल चुके हैं बहुत सारे बच्चे पुलिस विभाग में अन्य विभाग में अपनी नौकरी के लिए निरंतर यहां से प्रैक्टिस करते हैं और पुलिस के बड़े-बड़े पदों में उनकी नियुक्ति हुई है।
शारदा गुप्ता ने कहा कि शांति नगर दशहरा मैदान की देखरेख अभी वर्तमान में पूर्णता खिलाड़ी अपने सहयोग राशि जमा कर दिन रात एक करके ग्राउंड की देखभाल करते हैं लगातार 2 महीने से निरंतर पानी देकर ग्राउंड को फिर से हरा भरा किया गया है टेंडर जारी होने पर यहां पर शादी विवाह भी आयोजित किए जाएंगे और तरह-तरह के कार्यक्रम किए जाएंगे, जिससे खिलाड़ियों को भारी असुविधा होगी।
जनहित संघर्ष समिति ने मांग की है कि शांति नगर दशहरा मैदान को टेंडर में न दिया जाए और इसे खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित रखा जाए। समिति ने चेतावनी दी है कि अगर शांति नगर दशहरा मैदान को टेंडर में दिया जाता है तो इसका विरोध किया जाएगा भिलाई महापौर नीरज पाल लगातार अपने कार्यकाल विफल होने के बाद सभी जगह के खाली जगह को निविदा पर बेच रहे हैं या किराए पर दे रहे हैं जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनहित संघर्ष समिति के संयोजक ने कहा कि इसे सांसद, विधायक, नगर निगम कमिश्नर को अवगत करा दिया गया है कि इसका विरोध किया जाएगा।
विरोध करने वाले में प्रमुख रूप से जनहित संघर्ष समिति के संयोजक शारदा गुप्ता, पूर्व पार्षद ललित मोहन, फुटबॉल दशहरा मैदान के अध्यक्ष गिरीश खापर्डे, कन्हैया सोनी, कैलाश ताम्रकार, सच्चू खेमानी, रितेश जैन, निशु पांडे, संतोष जायसवाल, रवि पाल, विशाल एंथोनी, मोनू शिवा पांडे, सनी एंड्रयू, पीसी प्रसाद, नंदलाल प्रसाद सहित प्रमुख लोगों ने विरोध किया है l







