भिलाई। भिलाई चरोदा नगर निगम क्षेत्र के ग्रामीण वार्डों में बच्चों और आम नागरिकों के मनोरंजन के लिए बनाए गए गार्डन आज अव्यवस्था, उपेक्षा और अवैध कब्जे का शिकार हो चुके हैं। नगर निगम की अनदेखी ने इन गार्डनों की पहचान ही मिटा दी है।
नगर निगम के ग्रामीण वार्ड मोरिद की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। यहां बच्चों के मनोरंजन के लिए बनाया गया गार्डन पूरी तरह उजड़ चुका है। गार्डन के भीतर की हरियाली गायब हो चुकी है, पौधे या तो सूख गए हैं या फिर पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। बच्चों के लिए लगाए गए फिसल पट्टी और झूले देखरेख के अभाव में टूट-फूट का शिकार होकर कबाड़ की तरह एक कोने में पड़े हैं।

सबसे गंभीर बात यह है कि गार्डन में अवैध कब्जे की स्थिति बन गई है। वर्तमान में यह स्थान बच्चों और आम लोगों के उपयोग के बजाय धान रखने और ट्रैक्टर खड़े करने के काम में लिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि गांव के ही कुछ किसानों द्वारा गार्डन का उपयोग निजी गोदाम की तरह किया जा रहा है। मवेशियों के भीतर न आने के नाम पर गार्डन का मुख्य दरवाजा भी खुद ही बंद कर दिया जा रहा है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो गार्डन पर पूरी तरह अवैध कब्जा हो जाएगा। लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि गार्डन को कब्जामुक्त कर उसका सौंदर्यीकरण कराया जाए और नए सिरे से विकसित किया जाए, ताकि बच्चों के साथ-साथ बुजुर्गों और आम नागरिकों को भी सैर-सपाटा और मनोरंजन का स्थान मिल सके।
नागरिकों का कहना है कि सरकारी धन से बने सार्वजनिक स्थलों का इस तरह दुरुपयोग होना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। नगर निगम प्रशासन इस गंभीर स्थिति पर कब तक आंखें मूंदे रहता है या फिर जनता की चिंता को समझते हुए ठोस कार्रवाई करता है।


