नागेन्द्र त्रिपाठी नेपाल में मातृभाषा रत्न सम्मान से अलंकृत, काठमांडू में मिला अंतर्राष्ट्रीय मानद उपाधि

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12 पुस्तकों के यशस्वी लेखक हैं नागेन्द्र त्रिपाठी,  गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है नाम

दुर्ग, गाजियाबाद, गाजियाबाद के सुप्रसिद्ध लेखक, कवि, साहित्यकार व समाजसेवी नागेन्द्र त्रिपाठी को नेपाल की राजधानी काठमांडू में मातृभाषा रत्न अंतर्राष्ट्रीय मानद उपाधि सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें मातृभाषा हिन्दी के प्रचार – प्रसार व उन्नयन में उल्लेखनीय योगदान हेतु दिया गया।

यह गरिमामयी सम्मान नेपाल की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल द्वारा प्रदान किया गया। समारोह का उद्देश्य नेपाल-भारत मैत्री विकास, देवनागरी लिपि के संरक्षण एवं संवर्धन, हिंदी-नेपाली जैसी मैत्री भाषाओं के वैश्विक प्रचार-प्रसार के साथ-साथ देश-विदेश के कवि, लेखक, साहित्यकार एवं शिक्षकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करना रहा।

इस अवसर पर नेपाल, भारत सहित पाँच देशों के अनेक साहित्यिक एवं शैक्षिक प्रतिभाओं को मातृभाषा रत्न मानद उपाधि तथा मातृभाषा गौरव सम्मान से अलंकृत किया गया। इसी क्रम में नागेन्द्र त्रिपाठी को उनके उल्लेखनीय साहित्यिक, शैक्षिक एवं सामाजिक योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र (सर्टिफिकेट) प्रदान कर सम्मानित किया गया। नागेन्द्र त्रिपाठी के साथ ही चार देशों की कई प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया है, जिसमें से 17 वर्ष की नव प्रतिभा से लेकर 86 वर्ष के अग्रजों का सम्मान किया गया है।
नागेन्द्र त्रिपाठी गाजियाबाद के चर्चित कवि, लेखक , समाजसेवी एवं साहित्यिक संपादक हैं। उनकी कई एकल कृतियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं तथा वर्तमान में वे बुलंदी अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी हैं। वे विभिन्न साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं और इससे पूर्व भी उन्हें अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

सम्मान अवसर पर संस्था के अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु ने बधाई देते हुए कहा कि शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन का उद्देश्य प्रतिभाशाली रचनाकारों को प्रोत्साहित कर उनमें नव ऊर्जा का संचार करना है। उन्होंने कहा कि नागेन्द्र त्रिपाठी जैसी लोकप्रिय हस्ती एवं संवेदनशील कवि का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना अत्यंत गौरव का विषय है। उनकी कविताएँ समाज को सकारात्मक दिशा और प्रेरक संदेश देती हैं।

नागेन्द्र त्रिपाठी के इस सम्मान की सूचना मिलते ही साहित्यिक जगत में हर्ष का वातावरण है। उनके शुभचिंतकों, मित्रों एवं साहित्यप्रेमियों ने उन्हें बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।

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