किशोर जयंती पर समाधि स्थल पर विधायक, कलेक्टर व एसपी ने गुनगुनाए तराने

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दूध-जलेबी का भोग, गीतों की स्वरांजली और भावनाओं का अद्भुत संगम
रायपुर। गायकी के बेमिसाल जादूगर और हर दिल अज़ीज़ कलाकार किशोर कुमार की जयंती पर उनके पैतृक शहर में समाधि स्थल पर भावुक श्रद्धांजलि का आयोजन हुआ। सुबह से ही समाधि स्थल को फूलों से सजाया गया, और हर ओर उनके अमर गीतों की मधुर गूंज सुनाई देती रही।
किशोर दा के प्रसिद्ध कथन “दूध जलेबी खाएंगे, मध्यप्रदेश के खंडवा में बस जाएंगे” को उनके प्रशंसकों ने साकार किया। खंडवा में उनकी समाधि पर दूध-जलेबी का भोग अर्पित कर उन्होंने अपनी भावनाएं प्रकट कीं।
इस अवसर पर सुप्रसिद्ध पार्श्वगायक जाली मुखर्जी ने उपस्थित होकर किशोर दा को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनका एक लोकप्रिय गीत गुनगुनाकर वातावरण को संगीतमय बना दिया। अन्य प्रसिद्ध गायक हिम्मत पंड्या, अमृता गोविलकर और उमेश कुमार गायकवाड़ ने भी किशोर दा को स्वरांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि जिले के प्रशासनिक व जनप्रतिनिधि भी भाव-विभोर होकर इस श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। कलेक्टर ऋषव गुप्ता, एसपी मनोजकुमार राय और विधायक कंचन तनवे ने भी किशोर कुमार के सदाबहार गीत गुनगुनाकर श्रद्धा प्रकट की।
संगीत प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों के लिए यह दिन सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि किशोर दा की अमर संगीत यात्रा के साथ आत्मिक जुड़ाव का अवसर बन गया। यह श्रद्धांजलि न केवल किशोर कुमार की स्मृति को नमन थी, बल्कि उनकी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सुंदर प्रयास भी।

किशोर जयंती पर समाधि स्थल पर विधायक, कलेक्टर व एसपी ने गुनगुनाए तराने

दूध-जलेबी का भोग, गीतों की स्वरांजली और भावनाओं का अद्भुत संगम
रायपुर। गायकी के बेमिसाल जादूगर और हर दिल अज़ीज़ कलाकार किशोर कुमार की जयंती पर उनके पैतृक शहर में समाधि स्थल पर भावुक श्रद्धांजलि का आयोजन हुआ। सुबह से ही समाधि स्थल को फूलों से सजाया गया, और हर ओर उनके अमर गीतों की मधुर गूंज सुनाई देती रही।
किशोर दा के प्रसिद्ध कथन “दूध जलेबी खाएंगे, मध्यप्रदेश के खंडवा में बस जाएंगे” को उनके प्रशंसकों ने साकार किया। खंडवा में उनकी समाधि पर दूध-जलेबी का भोग अर्पित कर उन्होंने अपनी भावनाएं प्रकट कीं।
इस अवसर पर सुप्रसिद्ध पार्श्वगायक जाली मुखर्जी ने उपस्थित होकर किशोर दा को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनका एक लोकप्रिय गीत गुनगुनाकर वातावरण को संगीतमय बना दिया। अन्य प्रसिद्ध गायक हिम्मत पंड्या, अमृता गोविलकर और उमेश कुमार गायकवाड़ ने भी किशोर दा को स्वरांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि जिले के प्रशासनिक व जनप्रतिनिधि भी भाव-विभोर होकर इस श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। कलेक्टर ऋषव गुप्ता, एसपी मनोजकुमार राय और विधायक कंचन तनवे ने भी किशोर कुमार के सदाबहार गीत गुनगुनाकर श्रद्धा प्रकट की।
संगीत प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों के लिए यह दिन सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि किशोर दा की अमर संगीत यात्रा के साथ आत्मिक जुड़ाव का अवसर बन गया। यह श्रद्धांजलि न केवल किशोर कुमार की स्मृति को नमन थी, बल्कि उनकी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सुंदर प्रयास भी।

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