ब्लास्ट फर्नेस में नवाचार से बढ़ाई सुरक्षा और उत्पादन, रजत जयंती राज्योत्सव में राज्य अलंकरण से सम्मान
भिलाई, भिलाई इस्पात संयंत्र में विगत 35 वर्षों से निरंतर सेवाएं दे रहे मिथिलेश आडिल को उनके उत्कृष्ट कार्य, नवाचार और श्रमिक हित में योगदान के लिए राज्य शासन द्वारा प्रतिष्ठित स्वर्गीय रामानुज प्रताप सिंह देव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें रजत जयंती राज्योत्सव समारोह 2025 के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण के अंतर्गत प्रदान किया गया।
मिथिलेश आडिल, पिता स्वर्गीय एम.आर. आडिल, भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस विभाग में कार्यरत हैं। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने नियमित कार्यों के साथ-साथ अनेक तकनीकी नवाचार, प्रयोग और सुधार किए, जिससे न केवल कार्यस्थल की सुरक्षा में वृद्धि हुई, बल्कि उत्पादन क्षमता और संसाधनों के मितव्ययी उपयोग को भी बढ़ावा मिला।
इस वर्ष ब्लास्ट फर्नेस क्रमांक-7 में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के संभावित रिसाव को रोकने के लिए उन्होंने संयंत्र में स्थापित पाइपलाइन का नवीन डिजाइन विकसित किया। इस तकनीकी सुधार से कार्यस्थल पर श्रमिकों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित हुआ और विभागीय स्तर पर महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त हुआ।
अपने कर्तव्यनिष्ठ और सेवाभावी स्वभाव के कारण आडिल ने टीम के साथ मिलकर उत्पादन प्रक्रिया में दक्षता बढ़ाने, सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने तथा अनुशासन और सामूहिक कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। तकनीकी सुधारों के माध्यम से उन्होंने ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के अधिकतम उपयोग की दिशा में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।
यह सम्मान भारत के उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, श्रम मंत्री डाॅ. शिवकुमार डहरिया एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा प्रदान किया गया। श्रम विभाग द्वारा दिया जाने वाला यह पुरस्कार श्रमिकों की उत्कृष्ट कार्यक्षमता, नवाचार और समर्पण भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदान किया जाता है।
मिथिलेश आडिल की इस उपलब्धि ने न केवल भिलाई इस्पात संयंत्र का गौरव बढ़ाया है, बल्कि राज्य के श्रमिक समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत बनकर एक नया मानदंड भी स्थापित किया है।


