याद की गई मौला अली की शहादत, इफ्तार के बाद की गई दुआएं

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भिलाई, मौला ऐ कायनात शेरे खुदा हजरत अली मुश्किल कुशा  की शहादत की याद में 21 रमजान पर 11 मार्च की शाम ख़ानकाह भोलाईया ग्राम बिरेभाठ नंदिनी भिलाई में रोजेदारों ने मिलजुल कर इफ्तार किया। इसके बाद तमाम लोगो ने मुर्शिदे आज़म पढ़ा। शिजरा शरीफ़ हाजी एम एच सिद्दीकी ने पढ़ा। दुआएं खैर की गई और मौला ऐ मुश्किल कुशा की शहादत पर खिराजे अक़ीदत पेश की गई। इस मोके पर ख़ादिम हसन अंसारी ने नजर पेश की। जिसमें तमाम अक़ीदतमंद लोगों की मौजूदगी रही। इसी तरह शेरे खुदा मस्जिद हाऊसिंग बोर्ड कैलाश नगर में अली मौला की याद मनाई गई।

हजरत अली मौला की शहादत पर मौलाना जलालुद्दीन मिस्बाही की तकरीर हुई।  बाद नमाजे तरावीह,आपने हजरत अली को दुनिया के तमाम वलियों का ईमाम बताया। उन्होंने कहा कि आपके दर से ही विलायत बटती है। इस दौरान दुआऐ खैर व नजर पेश किए गए। ईमाम व खतीब मौलाना हाफ़िज़ ताजीम रज़ा भागलपुरी ने  मौला ऐ मुश्किल कुशा शेरे ख़ुदा की शान में सलात व सलाम का नज़राना पेश किया। हाफ़िज आसिफ रजा और तमाम नमाजियो ने भी खिराजे अक़ीदत पेश की। मस्जिद सदर हाजी ताहिर सिद्दीकी व तमाम कमेटी के हजरात की मौजूदगी मे तबर्रुक तकसीम किया गया।

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