प्रदेश में मौसम शुष्क, अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 डिग्री तक बढ़ोतरी के आसार
रायपुर, प्रदेश में इन दिनों मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और गर्मी धीरे-धीरे तेज होने लगी है। मार्च की शुरुआत में ही मई जैसी तपिश महसूस होने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।
बुधवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रायपुर में 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ।
दक्षिण छत्तीसगढ़ से गुजर रही द्रोणिका
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर ओडिशा से विदर्भ तक दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर लगभग 0.9 किमी ऊंचाई पर एक द्रोणिका बनी हुई है। हालांकि इस सिस्टम का प्रदेश के मौसम पर कोई खास प्रभाव नहीं दिख रहा है और फिलहाल मौसम शुष्क ही बना रहेगा।
रायपुर में आसमान रहेगा साफ
राजधानी रायपुर में गुरुवार को आसमान साफ रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
अगले दो दिन भी राहत नहीं
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। फिलहाल किसी भी तरह की मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे करीब 2 डिग्री तक वृद्धि होने की संभावना है, इसके बाद चार दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।
फरवरी में कम रही ठंड
रायपुर में जनवरी की तरह फरवरी में भी अधिकतर समय आसमान साफ रहा और सतही हवाएं हल्की चलीं। हालांकि उत्तर भारत से आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से बीच-बीच में मौसम में बदलाव देखने को मिला। फरवरी के अंतिम दिनों में कुछ स्थानों पर बादल छाने के साथ हल्की बारिश भी हुई।
फरवरी में कभी-कभी बढ़ जाती है गर्मी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फरवरी में कई बार गरज-चमक, बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन जाती है। कुछ मौकों पर आंधी और ओलावृष्टि भी होती है। सर्दियों का असर कम होते ही न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है, हालांकि कुछ परिस्थितियों में यह 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे भी पहुंच जाता है।
रायपुर में 1893 में पड़ी थी सबसे ज्यादा ठंड
रायपुर में फरवरी महीने की सबसे ज्यादा ठंड 9 फरवरी 1893 को दर्ज की गई थी, जब तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। वहीं 28 फरवरी 2009 को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
इतिहास में 4 फरवरी 1917 को 24 घंटे में 57.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जो फरवरी के लिहाज से काफी अधिक मानी जाती है। इसके अलावा 1901 में फरवरी के दौरान कुल 118.9 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।


