रायपुर। शराब घोटाला प्रकरण में पिछले एक वर्ष से रायपुर केंद्रीय जेल में बंद छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें सशर्त अंतरिम जमानत प्रदान की है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची की पीठ ने सुनाया।
सुनवाई के दौरान कवासी लखमा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी, सिद्धार्थ दवे और हर्षवर्धन परघनिया ने पक्ष रखा। अदालत ने मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अंतरिम राहत देते हुए स्पष्ट शर्तें भी निर्धारित की हैं।
अदालत के आदेश के अनुसार, कवासी लखमा को जमानत अवधि के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहना होगा। वे केवल विधानसभा सत्र प्रारंभ होने से एक दिन पूर्व ही राज्य में प्रवेश कर सकेंगे तथा सत्र समाप्त होते ही उन्हें पुनः राज्य से बाहर जाना अनिवार्य होगा। इन शर्तों का कड़ाई से पालन करना होगा।
उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जनवरी 2025 में कथित शराब घोटाले के सिलसिले में कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। ईडी का आरोप है कि इस घोटाले के जरिए उन्हें लगभग 70 करोड़ रुपये का अवैध कमीशन प्राप्त हुआ। गिरफ्तारी के बाद से ही वे 15 जनवरी 2025 से रायपुर केंद्रीय जेल में न्यायिक हिरासत में थे। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लखमा के लिए कानूनी राहत के रूप में देखा जा रहा है, वहीं मामले की आगे की सुनवाई अभी जारी रहेगी।


