भिलाई, 23 जुलाई को मुक्तकंठ साहित्य समिति भिलाई के तत्वावधान में पुणे महाराष्ट्र के अखिल भारतीय हास्य व्यंग्य के कवि व लाफ्टर चैम्पियन के टी वी फेम शरदेंदु शुक्ल शरद के मुख्य आतिथ्य में भिलाई के द्वारा प्रकाशित मासिक साहित्यिक बुलेटिन जून जुलाई अंक का लोकार्पण एवं शानदार काव्य गोष्ठी सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता लब्धप्रतिष्ठित कवि साहित्यकार व मुक्तकंठ के अध्यक्ष गोविंद पाल ने किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ कवि साहित्यकार एवं पुलिस अधीक्षक (सी आई डी) तथा मुक्तकंठ के महासचिव नरेंद्र कुमार सिक्केवाल, समाज सेवी व पूर्व सी एम ओ जिला चिकित्सालय के डाॅ हिमांशु कुमार वार्ष्णेय, अन लाइन साहित्य क्षेत्र के सक्रिय कवियत्री व लेखिका नेहा वार्ष्णेय आदि मंच पर विराजमान रहे। मुक्तकंठ के उपाध्यक्ष शीशलता शालू ने कार्यक्रम का संचालन किया अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की पूजा अर्चना पश्चात सभी अतिथियों को मुक्तकंठ के सदस्यों के द्वारा शाल श्रीफल व पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत सम्मान हुआ । इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी भाषा में लंबी अवधि से साहित्य रचना करने वाले दुर्गा प्रसाद पारकर का सम्मान मुक्तकंठ की ओर से पुष्प गुच्छ, श्रीफल एवं अंग वस्त्र ओढ़ाकर समिति के अध्यक्ष गोविंद पाल एवं महासचिव नरेंद्र कुमार सिक्केवाल ने किया। इसके उपरांत मुक्तकंठ के संपादक दुलाल समाद्दार एवं सह संपादक उन्नी दयालन ने मुक्तकंठ द्वारा प्रकाशित जून जुलाई अंक का लोकार्पण मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों के कर कमलों द्वारा लोकार्पण कार्यक्रम सम्पन्न करवाया।

गोविंद पाल, दुलाल समाद्दार एवं प्रकाश चन्द्र मंडल ने मुख्य अतिथि शरदेंदु शुक्ल शरद एवं विशिष्ट अतिथि डाॅ हिमांशु वार्ष्णेय को अपनी अपनी पुस्तक भेंट की। पुणे से पधारे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शरदेंदु शुक्ल ‘शरद’ ने कहा कि मुक्तकंठ में पच्चीस साल पहले मै एक बार शामिल हुआ था जिसमें स्व. दानेश्वर शर्मा एवं स्व. मुकुंद कौशल भी उपस्थित थे। मुक्तकंठ आज सिर्फ भिलाई छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देश विदेशों तक मुक्तकंठ की गूंज सुनाई दे रही है। मुक्तकंठ साहित्य जगत में एक नया इतिहास रच रहे हैं। इसी तरह अतिथियों के संबोधन के पश्चात उपस्थित कवियों ने एक से एक कविता प्रस्तुत किए जिससे दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों ने कविताओं की रस से सराबोर हो गये। दुलाल समाद्दार, ब्रजेश मल्लिक, सोनिया सोनी, विशाल सोनी, नीलम जायसवाल, जवेद हसन, शमशीर शिवानी, इस्माइल आजाद, डाॅ नीलकण्ठ देवांगन, गजराज दास महंत, संतोष जाटव, शंकर भट्टाचार्य, प्रकाश चंद्र मण्डल, आकांक्षा तिवारी, वासुदेव भट्टाचार्य, रियाज गौहर खान, भूषण चिपड़े, शीशलता शालू, नेहा वार्ष्णेय, नरेंद्र कुमार सिक्केवाल मुख्य अतिथि शरदेंदु शुक्ल शरद गोविंद पाल, संत कवि ओंकार दास, डाॅ नौशाद सिद्दिकी, ओमवीर करन, शिव मंगल सिंह, दीपक निषाद जामुल, विपुल सेन, चन्द्र कुमार बर्मन,सत्यवती शुक्ल, मनोज शुक्ल, व्ही नाथ, आदि लोगों ने काव्य पाठ किए इसके अलावा समिति के उपाध्यक्ष अलोक कुमार चंदा, समिति के कार्यकारिणी सदस्य आर एन देबनाथ, समाज सेवी ध्रुव मजुमदार,विनोद कुमार वर्मा, यू ट्यूबर अर्जुन मंडल, अतनु घोष, परितोष बनिक, गोविंद बर्मन, मिता बनिक, गीता बर्मन, आदि लोग श्रोता के रूप में दर्शक दीर्घा में बैठेकर कविता का भरपूर आनंद उठाये। अंत में कोषाध्यक्ष प्रकाश चन्द्र मंडल ने अतिथियों एवं उपस्थित लोगों को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया।


