स्वच्छता, गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं के मूल्यांकन में 21 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को पछाड़ा, टीम वर्क से मिली बड़ी सफलता
भिलाई। मिशन संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा राज्य की वर्ष 2024-25 की कायाकल्प योजना के अंतर्गत स्वच्छता, गुणवत्ता एवं स्वास्थ्य सेवाओं के मूल्यांकन सह अंकेक्षण की रिपोर्ट जारी कर दी गई है। इसमें दुर्ग जिले के 21 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई-3 ने 99.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया है।
इस उपलब्धि पर बीईटीओ सैय्यद असलम ने कहा कि मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने में पुनः अग्रणी सिद्ध होना गर्व की बात है। इसका पूरा श्रेय टीम वर्क को जाता है। सभी कैडर के कर्मचारियों ने अपने-अपने दायित्वों का उत्कृष्ट निर्वहन करते हुए जिले में पीएचसी भिलाई-3 को विजेता बनाया है।

संस्था प्रभारी डॉ. शिखर अग्रवाल ने बताया कि केंद्र में क्षेत्र के सबसे अधिक प्रसव, ओपीडी और आईपीडी मरीजों का उपचार किया जाता है। इसके साथ ही लैब टेस्टिंग, फार्मास्यूटिकल दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ का मरीजों के प्रति व्यवहार तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में भी उल्लेखनीय उपलब्धि रही है।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. भुवनेश्वर कुमार कठौतिया एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई-3 की आरएमए प्रज्ञा कुशवाहा ने कहा कि निरंतर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए केंद्र को मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित करने में सफलता मिली है।
अस्पताल प्रबंधन ने इस उपलब्धि के लिए जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के मार्गदर्शन, कायाकल्प के दिशानिर्देश एवं समय-समय पर सहयोग के लिए संभागीय क्वालिटी कंसल्टेंट कविता चंद्राकर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. भूमिका वर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव गलेड, डा. अभिषेक श्रीवास्तव, डा. सी बी एस बंजारे, नोडल अधिकारी डॉ. अर्चना चौहान, जिला समन्वयक प्रीतिका पवार, बीपीएम पूनम साहू, डॉ. रश्मि भौसले, शोभिका गजपाल, राखी, विवेक मिंज, आर. विश्वास सहित कायाकल्प से जुड़े समस्त सहयोगी स्टाफ व जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया ।


