चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लंबित पदोन्नति पर आक्रोश, स्टाफ नर्सों की वेतन वृद्धि बहाल करने की मांग; मेडिकल कॉलेज में अभद्रता पर कार्रवाई के संकेत
दुर्ग, छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की जिला स्तरीय बैठक जिला अस्पताल दुर्ग में आयोजित की गई, जिसमें कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में संघ के प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम, उप प्रांताध्यक्ष प्रमेश पाल, संभागीय अध्यक्ष अजय नायक एवं जिला अध्यक्ष सत्येंद्र गुप्ता सहित कई पदाधिकारी और कर्मचारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति पिछले तीन वर्षों से लंबित है, जिससे कर्मचारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस संबंध में प्रतिनिधि मंडल ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) दुर्ग से चर्चा की। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि वरीयता सूची तैयार की जा रही है, जिसके बाद दावा-आपत्ति आमंत्रित कर जिला स्तरीय पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित कर पदोन्नति प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बैठक में स्टाफ नर्सों की वेतन वृद्धि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। बताया गया कि पिछले वर्ष असंचयी प्रभाव के चलते नर्सों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी गई थी, जबकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं थी। संघ ने इसे अनुचित बताते हुए इस वर्ष वेतन वृद्धि जोड़ने और भविष्य में ऐसी कार्रवाई से बचने की मांग की।
साथ ही यह मुद्दा भी उठाया गया कि विभागीय घटनाओं में निचले स्तर के कर्मचारियों को ही निशाना बनाकर कार्रवाई की जाती है, जिसे समाप्त किया जाना चाहिए।
चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज, कचान्दूर में एक चिकित्सक द्वारा कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार का मामला भी बैठक में गूंजा। इस पर निर्णय लिया गया कि संघ का प्रतिनिधि मंडल मेडिकल कॉलेज के डीन से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा। यदि संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो कलेक्टर दुर्ग को मामले से अवगत कराया जाएगा।
बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए अधिक से अधिक आजीवन सदस्य बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही दुर्ग संभाग के दौरे का भी निर्णय लिया गया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत मिलने वाली राशि में पारदर्शिता बरतने और समय पर स्वास्थ्य संस्थानों को राशि उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा स्वास्थ्य संस्थानों के बिजली बिल का मुद्दा भी गंभीरता से सामने आया। कर्मचारियों ने बताया कि पिछले एक वर्ष से वे अपने वेतन से बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं, जिसके बकाया भुगतान की मांग CMHO दुर्ग से की जाएगी।
बैठक में जिला चिकित्सालय दुर्ग के अध्यक्ष राघवेंद्र साहू, रोशन सिंह, लक्ष्मीकांत धोटे, खिलावन चंद्राकर, भूपेश उपाध्याय, मंजू राय, सिस्टर तुरकाने, धनीराम ठाकुर, जी. मोहन राव, एम. पंडैया, जीवन दीप से लक्ष्मी चंद एवं मलेरिया विभाग से प्रतिनिधि महेंद्र सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समाधान के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।


