कबीर आश्रम भिलाई में त्रिदिवसीय आध्यात्मिक सद्ज्ञान महायज्ञ का भव्य समापन

Editor
By Editor 4 Min Read

क्रांतिकारी युवा संत अभय साहेब ने कहा गुरु मार्ग पर चलकर ही जीवन होता है सुखद और सफल, परमार्थ के लिए मिला है मानव जीवन

भिलाई, त्रिदिवसीय आध्यात्मिक सद्ज्ञान महायज्ञ का 57 वां वार्षिक स्थापना महोत्सव रविवार को  निर्मल ज्ञान मंदिर कबीर आश्रम नेहरू नगर भिलाई में अंतिम दिवस हर्षोल्लास से संपन्न हुआ।

इस कार्यक्रम में क्रांतिकारी युवा संत अभय साहेब  संस्थापक श्री कबीर पारख निकेतन कहलगांव जिला भागलपुर बिहार ने अपने प्रवचन के माध्यम से संत कबीर के वाणी के दोहों की प्रासंगिकता को स्पष्ट करते हुए बताए कि गुरु के मार्ग पर चल कर ही हम अपने जीवन को सुखद और सफल बना सकते हैं। हमें मनुष्य जीवन परमार्थ के लिए मिला है निजी स्वार्थ के लिए नहीं। उन्होंने वसुधैव कुटुंबकम् की महत्ता को सरल रूप में भक्तों को समझाने का अच्छा प्रयास किया। आपने बताया कि हमें धन जोड़ने की बजाय कर्म के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाने की बात कही। हमें अपने अंदर समाए कुविचार को निकाल कर बल, बुद्धि और विवेक से आत्मा से परमात्मा के मिलन के साथ ही पुण्य करने वाले पुण्यात्मा, महान काम करने वाले महात्मा, अंतर मन की उपज अंतरात्मा जैसे कई उदहारण के माध्यम में है गुरु के बताए मार्ग पर चलने हेतु प्रेरित किए। उपाय बताते हुए दैनिक जीवन में उपयोगिता और महत्व को भक्त जनों के समक्ष रखे।

उन्होंने संत कबीर  के निर्गुण और सगुण भक्ति परम्परा के अर्थ को स्पष्ट और सरल रूप में जन समक्ष रखे। इसके साथ ही भगवान, भक्त और संत के बीच इस परम्परा का निर्वहन कैसे और किस तरह होता है इसे भी विस्तार से भक्त जनों को समझने और बताने का प्रयास किए। इसके साथ ही संत गुलशन साहेब हरियाणा, संत हिरेंद्र साहेब धमतरी, संत यतींद्र साहेब नागपुर ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

इस समापन समारोह में शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में अपना नाम रोशन करने वाले प्रतिभाओ को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही कबीर पंथियों ने देह दान कर समाज सेवा में अच्छा संदेश दिया। हाईटेक हॉस्पिटल स्मृति नगर द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित की गई। एक अन्य समाजसेवी संस्था द्वारा निःशुल्क रक्त और शर्करा परीक्षण की गई।

इस सम्पूर्ण कार्यक्रम में विभिन्न चरणों में ध्वजारोहण, मंगलाचरण, गुरु वंदना, भजन सत्संग आयोजित की गई ।
भजन संध्या में जागृति सार्वा, साध्वी सुमन, राधेश्याम साहू, गीतांजलि, डालेश्वरी और चोवाराम के साथ ही दूर दूर से आए कलाकारों ने भी अपनी सहभागिता दी। कार्यक्रम में उत्तम साहू, दलजीत सिंह, जितेन्द्र कुमार, फूलचंद साहू, शिव कुमार साव, भोपाल कलिहारी, चंद्र मोहन साव, डा. दीनदयाल साहू, तिलक वर्मा, विजयकांत, भरतलाल, लालजी साहू, संतोष कुमार सुरेश कुमार भुखउ राम के साथ ही कबीर आश्रम ट्रस्ट और प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों में डॉ. हीरालाल साहू,  आत्मा राम साहू, पी डी साहू, शिव कुमार साव,  उर्मिला साहू, गौकरण लाल साहू, फकीर राम साहू, वेद प्रकाश साहू, प्रेमलता साहू, लक्ष्मी साहू, जितेन्द्र साहू, संतमति साहू ,जंत्री साव, अशोक साहू, शीला हिरवानी, दसोदा साहू, सरस्वती साहू, भरत साहू, के पी साहू, रामाधार साहू, जागृति सार्वा, दिलेश्वरी साहू, मंजीत अदब, मंथीर साहू उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ के कई कबीर आश्रम से संत और साध्वी इस अवसर पर उपस्थित रहे। कई स्थानों से सत्संग प्रेमी अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिए।

Share This Article