चंदूलाल चंद्राकर राजनीति में संत की भूमिका में रहे – भूपेश
पुण्य तिथि पर भिलाई-3 में स्थापित प्रतिमा स्थल पर जुटे कांगेसजन
भिलाई, छत्तीसगढ़ के महान पत्रकार, पूर्व सांसद और राज्य निर्माण आंदोलन के अग्रणी नेता स्वर्गीय चंदूलाल चंद्राकर की पुण्यतिथि 2 फरवरी को भिलाई-3 में मनाई गई।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने राजनीतिक गुरु स्व. चंदूलाल चंद्राकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुण्य स्मरण किया। इस दौरान मौजूद कांग्रेस जनों को संबोधित करते हुए बघेल ने चंदूलाल चंद्राकर को राजनीति का संत बताते हुए देश , प्रदेश और समाज के प्रति उनके योगदान का बखान किया।

भिलाई-3 के चंदूलाल चंद्राकर व्यवसायिक परिसर स्थित स्वर्गीय चंदूलाल चंद्राकर प्रतिमा पर पूर्व मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके द्वारा पत्रकारिता व राजनीति में दिए गए योगदान को याद किया। उनका निधन 2 फरवरी 1995 को हुआ था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि चंदूलाल चंद्राकर की दूरदर्शिता ऐसी थी कि उन्होंने अपने निधन से एक दिन पहले ही वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य बनने की घोषणा कर दी थी। उन्होंने बताया कि 1 फरवरी 1995 में वे अपने युवा कांग्रेस के साथियों के साथ चंदूलाल चंद्राकर जी से मुलाकात करने गए थे। इसी दौरान छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण पर चर्चा चली तो उन्होंने दो मिनट तक आंखे बंद करने के बाद तपाक से कहा कि वर्ष 2000 में उत्तराखंड और झारखंड के साथ छत्तीसगढ़ राज्य बनेगा। आखिरकार पांच साल बाद 2000 में ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हो गया।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुजीत बघेल ने कहा कि चंदूलाल चंद्राकर एक निर्भीक पत्रकार थे, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की और 5 बार लोकसभा सदस्य रहे। उन्होंने स्थानीय लोगों के रोजगार की चिंता करते हुए हथखोज में टेलीकॉम फैक्ट्री स्थापित करने में योगदान दिया।
महापौर निर्मल कोसरे ने कहा कि चंदूलाल चंद्राकर किसानों की उन्नति की सोंच के साथ काम करते थे। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के आंदोलन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नगर निगम सभापति कृष्णा चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र चंदूलाल चंद्राकर ने प्रखर व्यक्तित्व और निर्भिक पत्रकारिता से छत्तीसगढ़ का नाम देश और विदेश में रौशन किया।

इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी, भिलाई शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, ओनी महिलांग, संजय बंछोर, वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री प्रेमलता मढ़रिया, दुलारी वर्मा, एमआईसी सदस्य मोहन साहू, देवकुमारी भलावी, एस वेंकट रमना, पार्षद संतोष तिवारी, डे साहब वर्मा, लावेश मदनकर, नसीम खान, पप्पू चंद्राकर, श्रीकांत वर्मा, अरुण वर्मा, सतीश धुरंधर, डॉ. नौशाद सिद्दीकी, आदि उपस्थित थे।


