नर्सिंग में ‘सिमुलेशन’ आधारित प्रशिक्षण की जरूरत पर दिया बल

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शासकीय नर्सिंग कॉलेज दुर्ग की दो दिवसीय कार्यशाला शुरू

भिलाई, शासकीय नर्सिंग कॉलेज दुर्ग की दो दिवसीय कार्यशाला शुक्रवार को सीए भवन सिविक सेंटर में शुरु हुई। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा थे। ‘सिमुलेशन’ आधारित प्रशिक्षण पर केंद्रित इस कार्यशाला में अंचल की विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों से फैकल्टी व स्टूडेंट ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

शासकीय नर्सिंग कॉलेज दुर्ग की दो दिवसीय कार्यशाला

उल्लेखनीय है कि विद्यांता ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट ने नर्सिंग कॉलेज दुर्ग के सहयोग से इंटरनेशनल नर्सिंग एसोसिएशन फॉर क्लिनिकल सिमुलेशन फॉर लर्निंग-इंडिया आरआईजी की यह दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की है।
उद्घाटन सत्र में स्वागत भाषण देते शासकीय नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. रीमा राजेश ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की और वर्तमान समय में ‘सिमुलेशन’ आधारित प्रशिक्षण की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने नर्सिंग महाविद्यालय की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और कॉलेज की जरूरतों की ओर मुख्य अतिथि का ध्यान आकर्षित कराया।

स्वागत उद्बोधन प्राचार्य डॉ. रीमा राजेश ने दिया
शासकीय नर्सिंग कॉलेज दुर्ग की दो दिवसीय कार्यशाला

मुख्य अतिथि विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने अपने उद्बोधन में कार्यशाला के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कार्यशाला न सिर्फ नर्सिंग स्टूडेंट बल्कि फैकल्टीज के लिए भी उपलब्धियों से भरी होगी।  विधायक कोर्सेवाड़ा ने दोहराया कि शासकीय नर्सिंग  महाविद्यालय दुर्ग के भवन निर्माण के लिए वह पूरी तरह तत्पर हैं। उन्होंने आवश्यक कार्रवाई के साथ जरूरी सुविधाएं भी प्रदान करने का आश्वासन दिया।

विशेष अतिथि शासकीय चंदूलाल चंद्राकर महाविद्यालय की डीन डॉक्टर तृप्ति नगारिया ने वर्तमान समय में ‘सिमुलेशन’ आधारित प्रशिक्षण की जरूरत पर बल देते हुए उम्मीद जताई कि यह कार्यशाला नर्सिंग कॉलेजों की फैकल्टी, क्लीनिकल नर्स और एमएससी स्टूडेंट के लिए लाभकारी होगी। उद्घाटन सत्र का संचालन सहायक प्राध्यापक एस. इंदु ने और आभार प्रदर्शन सहायक प्राध्यापक डॉक्टर भावना चक्रवर्ती ने किया।

‘सिमुलेशन’ आधारित प्रशिक्षण अनिवार्य क्योंकि अनमोल है हर एक जान: जयदीप

विद्यांता ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट गुड़गांव के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) जयदीप हरबर्ट ने बताया कि जुलाई 2011 में नर्सिंग के पेशे में ‘सिमुलेशन’ आधारित प्रशिक्षण की शुरूआत की गई थी। जिससे नर्स और डॉक्टर की कार्यक्षमता में बेहतर ढंग से वृद्धि की जा सके और उन्हें प्रतिस्पर्धी बना सके।
उन्होंने बताया कि आज तक करीब 35 हजार नर्सेस और 4 हजार से ज्यादा डॉक्टर और 40 हजार से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित कर चुके हैं।  पूरे देश में मेडिकल प्रोफेशनल के लिए 12 लैब बनी हुई है। उन्होंने बताया कि उनका संस्थान अपनी तरह का देश का पहला लर्निंग सेंटर है और भारत में सिर्फ यही एक ही मान्यता प्राप्त संस्थान है।
जयदीप ने बताया कि ‘सिमुलेशन’ एक ऐसी प्रक्रिया या तकनीक है जिसमें किसी वास्तविक दुनिया की स्थिति, मशीन या प्रक्रिया का एक कृत्रिम (आभासी) मॉडल बनाया जाता है। जिससे व्यवहारिक तौर पर ज्ञान हासिल किया जा सके। नर्सिंग के पेशे में इस तकनीक के माध्यम से मरीज से जुड़ा परिवेश कृत्रिम तौर पर निर्मित किया जाता है, जिसमें स्टूडेंट को मरीज की जगह डमी (पुतला) दिया जाता है।
इससे नर्सिंग पेशे में वर्तमान में और बेहतर ढंग से पढ़ाई संभव हो पाती है। जयदीप ने बताया इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने ‘सिमुलेशन’ आधारित प्रशिक्षण को बहुत ज्यादा महत्व दिया है और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने इसे सभी नर्सिंग कॉलेजों के लिए अनिवार्य कर दिया है। अब हर कॉलेज में ‘सिमुलेशन’ लैब होना जरूरी है, जिससे स्टूडेंट वहां सीखे और गलती होने पर भी किसी तरह का नुकसान न हो। क्योंकि हर एक जान अनमोल है।

जयदीप हरबर्ट

कार्यशाला का समापन आज

इस कार्यशाला का समापन समारोह 11 जुलाई दोपहर 2:00 से आयोजित है। जिसमें मुख्य अतिथि पीजी कॉलेज आफ नर्सिंग भिलाई की प्राचार्य डॉक्टर रोजा प्रिंसी होगी। वहीं विशिष्ट अतिथि श्रेया कॉलेज ऑफ नर्सिंग के प्राचार्य डॉक्टर अभिषेक जेकब होंगे।

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