डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्श राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा हैं : संजय दानी

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भिलाई, 6 जुलाई, भारतीय जनता पार्टी पश्चिम मंडल, जिला भिलाई (छत्तीसगढ़) द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी  की 125वीं जन्म जयंती के अवसर पर महाराणा प्रताप भवन, सेक्टर-7, भिलाई नगर में श्रद्धा, सम्मान एवं राष्ट्रभक्ति के वातावरण में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी  के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं राष्ट्र निर्माण में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पश्चिम मंडल अध्यक्ष  गोल्डी सोनी ने की। अपने स्वागत उद्बोधन में उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का प्रतीक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से उनके विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता संजय दानी, प्रदेश विशेष आमंत्रित सदस्य, किसान मोर्चा ने अपने उद्बोधन में डॉ. मुखर्जी  के जीवन, संघर्ष, राष्ट्रभक्ति एवं बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने भारत की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। जम्मू-कश्मीर में लागू अलग व्यवस्था का उन्होंने दृढ़ता से विरोध किया और “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का उद्घोष करते हुए राष्ट्रीय एकात्मता के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया। उनका जीवन प्रत्येक राष्ट्रभक्त के लिए प्रेरणास्रोत है।

कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन पश्चिम मंडल महामंत्री श्री बी. पद्मनाभन ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए डॉ. मुखर्जी के जीवन के प्रेरक प्रसंगों का उल्लेख किया। अंत में मंडल मीडिया प्रभारी  रेहान अहमद ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में  सोनाली,  सरोज, ज्योति, नितेश, राज संधू, सोनू पंडित, महेंद्र प्रताप,  रामू, प्रीतम, सुजीत सोनवानी, करण सहित पश्चिम मंडल के पदाधिकारी, मोर्चा एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, वरिष्ठ कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

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