दुर्ग, न्यायिक प्रक्रिया को अधिक डिजिटल और सुगम बनाने की दिशा में दुर्ग जिला न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्टेट ज्यूडिशल अकेडमी के सहयोग और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय दुर्ग में ई-कोर्ट प्रोग्राम और कंप्यूटर स्किल एन्हांसमेंट प्रोग्राम (लेवल 1 और 2) पर 29 और 30 सितंबर 2024 को दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
यह कार्यशाला दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन सभागार में आयोजित की गई, जिसमें दुर्ग, धमधा, भिलाई-3 और पाटन तहसील न्यायालयों के नामित अधिवक्ताओं ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अधिवक्ताओं को न्यायालयीन कार्यप्रणाली में तकनीकी साधनों के बेहतर उपयोग की जानकारी देना था। इसके तहत उन्हें ई-कोर्ट मैनेजमेंट, डिजिटल फाइलिंग, और ऑनलाइन न्यायिक सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ न्यायालय प्रबंधक ने ई-फाइलिंग की प्रक्रिया के लाभों और इसके प्रभावी उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने समझाया कि कैसे अधिवक्ता तकनीक का उपयोग कर अपने कार्यों को तेज़, पारदर्शी और प्रभावी बना सकते हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में ई-फाइलिंग और डिजिटल कार्यप्रणाली न्याय व्यवस्था की रीढ़ साबित होगी, जिससे समय और श्रम की बचत होगी, और प्रकरणों का शीघ्र निपटारा संभव होगा।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया किस प्रकार आसान बनाई जा सकती है और इसके लाभ क्या हैं।
इस कार्यशाला में भाग लेने वाले अधिवक्ताओं ने बताया कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें यह समझने में मदद की कि वे तकनीकी साधनों का उपयोग करके अपने रोजमर्रा के कार्यों को अधिक त्वरित गति से कर सकते हैं। कई अधिवक्ताओं ने इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि उन्हें और उनके सहकर्मियों को नई तकनीकी प्रक्रियाओं से जुड़े रहने का अवसर मिले।
अधिवक्ताओं ने कार्यशाला की सराहना की और यह सुझाव दिया कि भविष्य में इस तरह की कार्यशालाओं को और भी विस्तार से आयोजित किया जाए ताकि वे न्यायिक प्रक्रिया के डिजिटल रूपांतरण को पूरी तरह समझ सकें और उसका समुचित लाभ उठा सकें।


