बंगीय साहित्य संस्था की साप्ताहिक बैठक में जुटे साहित्यकार
भिलाई। बंगीय साहित्य संस्था के तत्वावधान में कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श अड्डाबाज-107 का आयोजन 20 दिसंबर को भिलाई निवास कॉफी हाउस में किया गया। इस दौरान साहित्यिक विचार-विमर्श एवं बांग्ला-हिंदी में काव्य पाठ हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में साहित्यकारों ने अपनी भागीदारी दी। उल्लेखनीय है कि इस्पात नगरी भिलाई में विगत 65 वर्षों से सक्रिय बंगीय साहित्य संस्था मूल रूप से बांग्ला भाषा के उन्नयन, संस्कृति एवं सांस्कृतिक विरासत को लेकर पहल करती रही है।
इस संस्था का गठन भाषाविद् व बांग्ला लेखक स्व. शिव व्रत देबानजी और डॉ. भवानी प्रसाद मुखर्जी ने किया था। वर्तमान में संस्था की सभापति देश की लब्ध प्रतिष्ठित कवयित्री लेखिका बानी चक्रवर्ती एवं उपसभापति बांग्ला की सुपरिचित वयोवृद्ध लेखिका स्मृति दत्त हैं। सचिव शुभेंदु बागची, सहसचिव प्रकाश चंद्र मंडल एवं कोषाध्यक्ष पल्लव चटर्जी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन बखूबी कर रहे हैं।

संस्था का बांग्ला में प्रकाशित मुखपत्र ‘मध्य वलय’ है। ‘मध्यबलय’ लिटिल मैगजीन के संपादक बांग्ला के प्रगतिवादी कवि दुलाल समाद्दार हैं। अनेक साहित्यिक आयोजन के साथ-साथ प्रति सप्ताह ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श अड्डा’ का भी आयोजन संस्था द्वारा किया जा रहा है। इस बार मुख्य रूप से स्मृति दत्त, दुलाल समाद्दार, संस्था के संस्थापक सदस्य व बांग्ला कवि समरेंद्र विश्वास, पल्लव चटर्जी, प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य, बांग्ला कवि वीरेंद्रनाथ सरकार, पं. वासुदेव भट्टाचार्य, जीबोन हालदार, विपुल सेन, पुलीन पाल, सोमाली शर्मा, सुजॉशा सेन, सामाजिक व साहित्यिक चिंतक आलोक कुमार चंदा, रतन सरकार, कृष्ण चंद्र रॉय और अर्जुन मंडल इस बैठक में शामिल हुए। अड्डाबाज़-107 के सभापति समरेंद्र विश्वास थे। संचालन स्मृति दत्त ने और आभार व्यक्त आलोक कुमार चंदा ने किया।


