शैक्षणिक नवाचारों और दूरदर्शी नेतृत्व का वक्ताओं ने किया विशेष रूप से उल्लेख
भिलाई, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) दुर्ग के प्राचार्य पी.सी. मरकले के शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने पर अछोटी स्थित संस्थान परिसर में एक आत्मीय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। अपने एक वर्ष के छोटे किंतु प्रभावशाली कार्यकाल की उल्लेखनीय उपलब्धियों का ब्यौरा देते हुए सभी वक्ताओं ने खुलकर सराहना की। इस गरिमामयी समारोह में डाइट परिवार की ओर से पीसी मरकले का आत्मीय अभिनंदन किया गया और सम्मान पत्र, स्मृति चिह्न व उपहार भेंट कर उनका सम्मान किया गया।
आयोजन में डाइट के नोडल अधिकारी सत्येंद्र शर्मा ने कहा कि श्री मरकले के कार्यकाल में ब्लू-प्रिंट आधारित प्रशिक्षण का सफल संचालन हुआ, जिससे शिक्षकों की कार्यकुशलता में अभूतपूर्व सुधार आया। डॉ. शिशिर कांत भट्टाचार्य ने उनके नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में पठन वीर प्रतियोगिता, अटल टिंकरिंग मॉडल प्रतियोगिता और व्यवसायिक शिक्षा का संचालन अत्यंत प्रभावशाली ढंग से किया गया।

इसी क्रम में डॉ. नीलम दुबे ने फाउंडेशन लर्निंग स्टडी (एफएलएस) ऑनलाइन सर्वे और एफएलएन ( फाउंडेशनल लिट्रेसी एंड न्यूमेरेसी) के तहत ऑनलाइन व ऑफलाइन बुनियादी भाषाई एवं सांख्यिकी ज्ञान प्रशिक्षण तथा बालवाड़ी प्रशिक्षण की सफलता का विशेष रूप से उल्लेख किया।
वक्ता के रूप में अपनी बात रखते हुए डॉ. वंदना सिंह ने कहा कि श्री मरकले के मार्गदर्शन में डाइट के अकादमिक सदस्यों ने शोध एवं नवाचार के विभिन्न आयामों और शैक्षिक गुणवत्ता के सभी अवयवों पर विद्यालयीन मॉनिटरिंग करते हुए शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की समस्याओं का हमेशा तत्परता से समाधान किया।
वहीं, डॉ. हेमंत साहू ने उनके प्रशासनिक अनुभव और दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, कांकेर तथा जांजगीर-चांपा जैसे जिलों में वरिष्ठतम पदों पर दी गई सेवाओं को याद करते हुए कहा कि व्याख्याता, प्राचार्य, सहायक परियोजना अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक (डीएमसी), जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और डाइट दुर्ग के प्राचार्य के रूप में उनकी सेवाएं सदैव स्मरणीय रहेंगी।









