चैंबर ऑफ कॉमर्स के 50 से अधिक सदस्य और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि हुए शामिल, नुक्कड़ नाटक के जरिए साइबर ठगी के तरीकों से कराया अवगत
भिलाई, छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को कला भवन, भिलाई नगर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। चैंबर ऑफ कॉमर्स और मुद्रा फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में 200 से अधिक नागरिकों और विभिन्न सामाजिक एवं व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में साइबर ठगी के बदलते तरीकों और डिजिटल लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में चैंबर ऑफ कॉमर्स के 50 से अधिक सदस्य तथा 10 से अधिक सामाजिक फाउंडेशनों से जुड़े नागरिक एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन, संदेश, लिंक या लालच में आकर बैंकिंग अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा करना भारी पड़ सकता है।

नुक्कड़ नाटक से समझाए ठगी के तरीके
कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से साइबर ठगी के सामान्य तरीकों को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने फर्जी फोन कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी केवाइसी अपडेट, ओटीपी और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल करने तथा ऑनलाइन भुगतान के नाम पर होने वाली ठगी के उदाहरण प्रस्तुत किए।
नाटक के माध्यम से नागरिकों को बताया गया कि अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी लिंक पर क्लिक न करें और न ही अज्ञात एप्लीकेशन डाउनलोड करें। बैंक खाते, एटीएम, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
1930 पर तत्काल शिकायत की सलाह
साइबर क्राइम दुर्ग से उप निरीक्षक डॉ. संकल्प राय ने उपस्थित नागरिकों को साइबर अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तत्काल इसकी सूचना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर देनी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को रोकने अथवा वापस कराने की संभावना बढ़ सकती है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, सीवीवी, बैंक पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। इसके अलावा लालच या भय पैदा करने वाले संदेशों पर तत्काल प्रतिक्रिया देने से बचें।

व्यापारिक और सामाजिक संगठनों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर शोभराज अग्रवाल, उप निरीक्षक डॉ. संकल्प राय, थाना प्रभारी भिलाई नगर सहित पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। सामाजिक एवं व्यावसायिक क्षेत्र से मुद्रा फाउंडेशन की अध्यक्ष टीना सातपुते, चैंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री अजय भसीन, ऑफिसर एसोसिएशन के ए.के. बंचोर, बीएसपी ऑफिसर एसोसिएशन के पूर्व महासचिव परमिंदर सिंह, चैंबर ऑफ कॉमर्स भिलाई की अध्यक्ष गार्गी शंकर मिश्रा, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के विशेष सलाहकार कन्हैया सोनी तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया रीजनल ऑफिस रायपुर के अनिल कुमार जायसवाल सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
लगातार चल रहे जागरूकता कार्यक्रम
दुर्ग पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक एवं शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस का उद्देश्य नागरिकों को साइबर ठगी के नए तरीकों से अवगत कराने के साथ ही डिजिटल लेन-देन में सावधानी बरतने और अपराध होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित करना है।
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