भिलाई-3 बंधवा तालाब घाट पर हर श्रद्धालु को मिला प्रसाद
भिलाई। लोक आस्था और अटूट श्रद्धा का प्रतीक छठ महापर्व मंगलवार को इस्पात नगरी भिलाई सहित आसपास के क्षेत्रों में पूर्ण विधि-विधान और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। सुबह भोर में व्रती महिलाओं ने उदीयमान सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित कर छठी मैया की पूजा-अर्चना की और प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण किया। भिलाई, भिलाई-3, चरोदा, कुम्हारी और जामुल के तालाबों पर अल सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा रहा।

चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व की शुरुआत 25 अक्टूबर को नहाय-खाय विधान से हुई थी, जबकि 26 अक्टूबर की शाम खरना के बाद व्रती महिलाओं का निर्जला उपवास आरंभ हुआ। कुल 36 घंटे तक चलने वाले इस कठिन व्रत का समापन आज उगते सूर्य को अर्घ्य देकर किया गया। इस दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी विभिन्न घाटों पर पहुंचे और व्रती परिवारों से मिलकर उन्हें पर्व की शुभकामनाएं दीं।

भिलाई-दुर्ग में दिखी भक्ति की अनूठी छटा
ट्विन सिटी के सेक्टर-2, सेक्टर-7, जवाहर उद्यान तालाब, हुडको, नेहरू नगर, कोहका, कुरुद, सुपेला, रामनगर, केम्प, खुर्सीपार, रिसाली और मरोदा के तालाबों पर सुबह-सुबह अद्भुत दृश्य देखने को मिला। रंगीन सजावट, जल में तैरते दीप और छठ गीतों की मधुर गूंज ने पूरे वातावरण को भक्ति से सराबोर कर दिया। व्रतियों के साथ उनके परिजन भी आस्था से लबालब भरे नजर आए।
भिलाई-3 में आस्था और सेवा का सुंदर संगम
भिलाई-3 के गतवा और बंधवा तालाब में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। विशेष रूप से बंधवा तालाब पार में लगातार दूसरे साल प्रसाद वितरण के लिए स्टॉल लगाया गया, जिसने श्रद्धा और सेवा की मिसाल पेश की। यह स्टॉल मनेंद्र श्रीवास्तव, शैलेंद्र श्रीवास्तव एवं धर्मेंद्र श्रीवास्तव परिवार की ओर से लगाया गया था। स्टॉल में श्रद्धालुओं को पारंपरिक ठेकुआ और फल प्रसाद वितरित किया गया। व्रती महिलाओं और आगंतुकों ने इस सेवा कार्य की सराहना की और इसे छठ मैया की कृपा का प्रतीक बताया।

कई तालाबों पर उमड़ी भीड़, गूंजे छठ गीत
भिलाई-3 के अलावा चरोदा के बस्ती तालाब और रेलवे कॉलोनी तालाब, कुम्हारी के बड़े तरिया, डीएमसी तालाब, जंजगिरी तालाब, कुगदा तालाब तथा जामुल के शीतला, मशुरिया और लक्ष्मण तालाबों में भी श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।


