चैतन्य जेल से रिहा, भूपेश बोले सत्य की जीत, न्यायपालिका पर विश्वास और मजबूत हुआ

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भिलाई, हाईकोर्ट के आदेश पर चैतन्य बघेल शनिवार की शाम जेल से रिहा हो गए। जेल से रिहा होते ही चतैन्य समर्थकों के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास पहुंचे और उन्हें नमन किया। इसके बाद चैतन्य का समर्थकों ने ग्रेंड वेलकम किया। इधर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे सत्य और न्याय की जीत बताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से देश की न्यायपालिका पर आम जनता का भरोसा और अधिक मजबूत हुआ है। भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने साजिश के तहत चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था, जिसके खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुरू से ही विरोध दर्ज कराया था।

उन्होंने कहा, “हम तब भी और आज भी यही कह रहे हैं कि यह पूरी कार्रवाई एक षडयंत्र का हिस्सा है। न्यायालय के आदेश से आज चैतन्य की रिहाई हो रही है, जो हमारे परिवार और समर्थकों के लिए बेहद खुशी का क्षण है।” भूपेश बघेल ने भावुक होते हुए कहा कि जिस दिन चैतन्य की गिरफ्तारी हुई थी, उसी दिन उसका जन्मदिन था, और जब वह जेल से रिहा हो हुआ तो उसके बेटे का जन्मदिन है, जिससे यह खुशी दोगुनी हो गई है।

उल्लेखनीय है कि चैतन्य बघेल की रिहाई की खबर मिलते ही सुबह से ही भिलाई-3 स्थित पूर्व मुख्यमंत्री के निवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों का जमावड़ा शुरू हो गया था। इसी तरह शनिवार की सुबह भी समर्थक बडी संख्या में जुटे। इसके बाद भूपेश बघेल समर्थकों के साथ रायपुर सेंट्रल जेल रवाना हुए, जहां से वे चैतन्य बघेल को साथ लेकर भिलाई-3 लौटेंगे। जेल से रिहा होते ही चतैन्य समर्थकों के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास पहुंचे और उन्हें नमन किया। इसके बाद चैतन्य का समर्थकों ने ग्रेंड वेलकम किया। इस दौरान दौरान भूपेश बघेल के साथ महापौर भिलाई-चरोदा निर्मल कोसरे, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुजीत बघेल, दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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