चैतन्य बघेल 13 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में

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कोर्ट ने जांच 3 माह में पूरी करने के दिए निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को रायपुर की विशेष न्यायालय में पेश किया। अदालत ने चैतन्य को 13 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने के आदेश दिए। इसी प्रकरण में आरोपी दीपेंद्र चावड़ा को भी समान अवधि के लिए जेल भेजा गया है। चैतन्य बघेल को 24 सितंबर को कोर्ट के निर्देश पर ईओडब्ल्यू रिमांड पर लिया गया था। 6 अक्टूबर को यह रिमांड समाप्त हुई, जिसके बाद उन्हें कोर्ट में प्रस्तुत किया गया।

ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आई हैं, जिससे आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ सकता है। अफसरों का दावा है कि कई अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है और अगले चरण में और गिरफ्तारी हो सकती है।

पहले से जेल में हैं चैतन्य
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने मनी लान्ड्रिंग के एक मामले में चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया था। तब से वे निरंतर जेल में हैं। अब उन्हें ईओडब्ल्यू की ओर से दर्ज प्रकरण में भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने तय की जांच की समयसीमा
चैतन्य बघेल के वकील फैजल रिजवी ने जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को 3 महीने और ईओडब्ल्यू को 2 महीने के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं। बघेल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के दौरान सरकार की ओर से पेश वकील ने भी सुप्रीम कोर्ट को आश्वस्त किया था कि तीन माह के भीतर जांच पूरी कर ली जाएगी।

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