प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई-3 के अंतर्गत हथखोज और देव बलोदा में चलाया जा रहा विशेष अभियान
भिलाई, भिलाई-3, केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा टीबी (क्षय रोग) के उन्मूलन के लक्ष्य को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई-3 में चरोदा क्षेत्र को टीबी मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। यह अभियान शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम भिलाई-3 चरोदा के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के बीईटीओ सैय्यद असलम ने बताया कि अभियान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई-3 के साथ-साथ हथखोज और देव बलोदा क्षेत्र में चलाया जा रहा है। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. भुवनेश्वर कुमार कठौतिया, मेडिकल ऑफिसर डॉ. शिखर अग्रवाल एवं चरोदा मेडिकल ऑफिसर डॉ. कीर्ति तिर्की के मार्गदर्शन में प्रारंभ किया गया है।
70 टीबी मरीजों का सत्यापन, 1117 लोगों की जांच
बीईटीओ सैय्यद असलम ने बताया कि जनवरी से दिसंबर तक प्रतिवर्ष चलने वाले इस अभियान को लेकर सरकार गंभीर है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई-3 में कुल 70 टीबी मरीजों का सत्यापन किया गया है। इसके लिए 1117 लोगों के स्पुटम सैंपल जांच के लिए भेजे गए, जिनमें से 44 मरीजों में टीबी की पुष्टि होने पर उनका उपचार प्रारंभ किया गया।
इसके अलावा एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी के 26 मरीजों की पहचान एक्स-रे जांच के माध्यम से की गई, जिनका सत्यापन कर उपचार शुरू किया गया है। इनमें एम्स, मेकाहारा रायपुर, शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल दुर्ग से सत्यापित मरीज भी शामिल हैं। इस दौरान 4 टीबी मरीजों की मृत्यु भी हुई।
जागरूकता से ही बढ़ेगी क्योर दर
मेडिकल ऑफिसर डॉ. शिखर अग्रवाल ने बताया कि हथखोज में मितानिन एवं पारा मोहल्ला आरोग्य समिति के साथ सामूहिक चर्चा कर टीबी के लक्षण, कारण, उपचार, बचाव एवं निदान की विस्तृत जानकारी दी गई।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. भुवनेश्वर कुमार कठौतिया ने कहा कि किसी भी वार्ड या ग्राम को टीबी मुक्त बनाने के लिए जन जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। जब लोगों में टीबी की सही जानकारी होगी और वे इसके प्रति सजग होंगे, तभी क्योर दर में वृद्धि होगी।
टीबी डेथ ऑडिट और निक्षय मित्र बनाए जा रहे
जिला नोडल अधिकारी डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए सभी स्तरों पर प्रयास जरूरी हैं। सामूहिक प्रयासों से ही सार्थक परिणाम सामने आते हैं। टीबी डेथ ऑडिट के माध्यम से मृत्यु के कारणों की जांच की जा रही है, वहीं डिफाल्टर मरीजों को पूर्ण दवा खिलाने के लिए निक्षय मित्र भी बनाए जा रहे हैं।
विद्यालय में छात्रों को दी गई टीबी की जानकारी
बीईटीओ सैय्यद असलम ने बताया कि अभियान के दूसरे चरण में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देव बलोदा में प्रोजेक्टर के माध्यम से छात्रों को टीबी के कारण, लक्षण, उपचार एवं निदान की जानकारी दी गई। इस दौरान प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई, जिसमें सही उत्तर देने वाले छात्र-छात्राओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। अन्य विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में वार्ड पार्षद ठानेशवरी साहू, एलएचवी आर. विश्वास, हर्षा मानिकपुरी, नारायण साहू, देविला चंद्राकर, कुमेश साहू, निवेश प्रधान सहित सभी मितानिन एवं आरोग्य समिति के सदस्य उपस्थित रहे।



