146 करोड़ की लागत से बनेगा भोरमदेव कॉरिडोर, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने किया भूमिपूजन

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रायपुर, छत्तीसगढ़ में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत 146 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का गुरुवार को विधिवत भूमिपूजन किया गया। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संयुक्त रूप से परियोजना का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर भोरमदेव से बोड़ला तक सड़क के चौड़ीकरण और नवीनीकरण की भी घोषणा की गई, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही और अधिक सुगम होगी।
भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत के विकास का नया ग्रोथ इंजन अब छत्तीसगढ़ बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संसाधनों के साथ-साथ संस्कृति, आस्था और पर्यटन की दृष्टि से भी देश का उभरता हुआ राज्य है। भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना राज्य की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त बनाएगी। उन्होंने उज्जैन और वाराणसी की तर्ज पर भोरमदेव के समग्र विकास की बात कही और गुणवत्ता से समझौता न करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि एक हजार वर्ष पुराने बाबा भोरमदेव मंदिर के संरक्षण और विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सावन माह में अमरकंटक से कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

कॉरिडोर परियोजना के तहत भोरमदेव मंदिर परिसर से मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ और सरोदा जलाशय तक सुव्यवस्थित पर्यटन ढांचा विकसित किया जाएगा। इससे कबीरधाम जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भोरमदेव को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा बताते हुए कहा कि स्वदेश दर्शन योजना में इसे शामिल कराने के प्रयास अब साकार हो रहे हैं। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, सांसद संतोष पांडे, पंडरिया विधायक भावना बोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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