भिलाई में आयकर अधिनियम 2025 पर जागरूकता संगोष्ठी, नए कानून की बारीकियों पर हुआ विस्तार से मंथन

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सीए भवन में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताए बदलाव, “कर साथी” एआई चैटबॉट और नए प्रावधानों की दी जानकारी

भिलाई, 28 अप्रैल 2026, आयकर विभाग, परिक्षेत्र-1, भिलाई द्वारा आयकर अधिनियम 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं करदाताओं में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को सीए भवन, सिविक सेंटर में एक महत्वपूर्ण परिचर्चा एवं जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कर विशेषज्ञों, व्यापारिक संगठनों और करदाताओं की बड़ी भागीदारी रही।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संयुक्त आयकर आयुक्त (Exemption), रायपुर  मोहल अग्रवाल रहे, जिन्होंने 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए नए आयकर अधिनियम 2025 के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नया कानून पुराने आयकर कानून का स्थान लेकर उसे अधिक सरल, स्पष्ट और करदाता-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने विशेष रूप से Exemption से जुड़े प्रावधानों में हुए बदलावों को विस्तार से समझाया और बताया कि नए अधिनियम में पारदर्शिता बढ़ाने तथा प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर जोर दिया गया है।

कार्यक्रम में विभाग द्वारा लॉन्च किए गए एआई चैटबॉट “कर साथी” की भी जानकारी दी गई, जो करदाताओं को त्वरित सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करेगा। इसके साथ ही विभिन्न फॉर्म्स से संबंधित ब्रॉशर भी प्रतिभागियों के बीच साझा किए गए।

इस अवसर पर सीए एसोसिएशन भिलाई के अध्यक्ष  सुखदेव राठी, सचिव  प्रतीक अग्रवाल, वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट श्रीचंद लेखवानी, टैक्स बार एसोसिएशन के सचिव  प्रभात ठाकुर तथा चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष  अजय भसीन ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने नए कानून के व्यावहारिक पक्षों पर प्रकाश डालते हुए इसे करदाताओं के लिए लाभकारी बताया।

परिचर्चा के दौरान जिन प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई, उनमें—

  • पुराने आयकर कानून का प्रतिस्थापन
  • नए अधिनियम की आवश्यकता और पृष्ठभूमि
  • 1 अप्रैल 2026 से लागू प्रमुख परिवर्तन
  • सामान्य करदाताओं को मिलने वाले लाभ

कार्यक्रम में टैक्स बार एसोसिएशन, सीए एसोसिएशन और चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कर पेशेवरों एवं व्यापारिक समुदाय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने प्रश्न रखे और विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त किया।

आयोजन को बेहद सफल और उपयोगी बताते हुए अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता अभियानों से करदाताओं में नए कानून के प्रति समझ बढ़ेगी और अनुपालन में भी सुधार होगा। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम आयकर विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसमें नए अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जन-जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।

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