मुख्य अतिथि डॉ. अर्पिता शर्मा और डॉ. आकांक्षा मिश्रा का प्रेरक व्याख्यान
प्राचार्य डॉ. अश्विनी महाजन का संदेश—‘युवा बनें जागरूक, समाज को भी करें जागरूक’
एनएसएस एवं रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में विशेषज्ञों ने एड्स को केवल चिकित्सा नहीं बल्कि सामाजिक चुनौती बताते हुए जागरूकता को सबसे बड़ा हथियार बताया।
भिलाई, विश्व एड्स दिवस के अवसर पर डॉ. खूबचंद बघेल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भिलाई-3 में 1 दिसंबर को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एवं रेड रिबन क्लब इकाई के संयुक्त तत्वावधान में एड्स जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में एड्स के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जागरूकता और रोकथाम संबंधी जानकारी को प्रसारित करना था। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अर्पिता शर्मा (आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी भिलाई-3 ) और डॉ. आकांक्षा मिश्रा (प्राकृतिक एवं योग चिकित्सा अधिकारी भिलाई-3) उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने “एड्स जागरूकता एवं एचआईवी-एड्स रोकथाम एवं नियंत्रक अधिनियम-2017” विषय पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत कर विद्यार्थियों में जागरूकता की भावना जागृत की।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अश्विनी महाजन जी के उद्बोधन से हुआ। उन्होंने एड्स केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि सामाजिक एवं मानसिक रूप से भी व्यक्तियों को प्रभावित करने वाली चुनौती बताते हुए कहा कि युवाओं को इस विषय पर सही जानकारी होनी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं जागरूक बनें और समाज में भी जागरूकता फैलाने के लिए आगे आएँ।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. अर्पिता शर्मा ने विश्व एड्स दिवस मनाने के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह दिवस वैश्विक स्तर पर एड्स के कारण होने वाले संक्रमण, भेदभाव और भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। उन्होंने एचआईवी-एड्स रोकथाम एवं नियंत्रक अधिनियम-2017 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देकर छात्रों को बताया कि यह कानून संक्रमित व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करता है एवं उनके प्रति किसी भी प्रकार के भेदभाव को दंडनीय अपराध माना गया है। वहीं डॉ. आकांक्षा मिश्रा ने एड्स से बचाव में प्राकृतिक चिकित्सा, योग एवं संतुलित जीवनशैली की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने तथा मानसिक तनाव को दूर करने में योग महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों को दैनिक जीवन में योग व प्राकृतिक चिकित्सा अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन श्री दिनेश देवांगन (एनएसएस प्रभारी) ने किया। उन्होंने एनएसएस की गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज सेवा और जागरूकता ही एनएसएस का मुख्य उद्देश्य है। अंत में योगिता ठाकुर (एनएसएस प्रभारी, बालिका इकाई) ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों तथा उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर महाविद्यालय के 200 एनएसएस स्वयंसेवक, छात्र-छात्राएँ, प्राध्यापकगण, अतिथि प्राध्यापक एवं समस्त स्टाफ की उपस्थिति सराहनीय रही।


