आईआरसीटीसी से रिटायरिंग रूम बुकिंग के बाद राशि लौटने पर यात्री ने दिखाई ईमानदारी, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने की सराहना
रायपुर, 16 मार्च। रेल यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से भारतीय रेल द्वारा विश्राम कक्ष (रिटायरिंग रूम) की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिसकी ऑनलाइन बुकिंग इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन के पोर्टल के माध्यम से की जाती है। हाल ही में एक यात्री ने तकनीकी त्रुटि से वापस मिली राशि को लौटाने का आग्रह कर ईमानदारी की मिसाल पेश की।
जानकारी के अनुसार, विशाखापट्टनम निवासी पी. एस. डी. प्रसाद ने दुर्ग रेलवे स्टेशन पर 9 से 11 मार्च 2026 तक दो दिनों के लिए दो विश्राम कक्ष बुक किए थे, जिसके लिए उन्होंने 5,385 रुपए का भुगतान किया था। 9 मार्च की रात लगभग 10:30 बजे वंदे भारत ट्रेन से दुर्ग पहुंचने पर उन्हें पता चला कि भुगतान करने के बावजूद बुकिंग की पुष्टि नहीं हुई है।
इस स्थिति में दुर्ग स्टेशन के वाणिज्य विभाग के रेलकर्मियों ने सेवा भाव दिखाते हुए यात्री की मदद की और लेनदेन आईडी सिस्टम में दिखाई देने के आधार पर उन्हें दो कमरे — एक वातानुकूलित और एक सामान्य — दो दिनों के लिए उपलब्ध कराए।
इसी बीच तकनीकी त्रुटि के कारण आईआरसीटीसी द्वारा बुकिंग राशि का रिफंड प्रक्रिया कर दिया गया। यात्री ने दो बार ईमेल के माध्यम से रिफंड न करने का अनुरोध भी किया, क्योंकि वह विश्राम कक्ष में ठहर चुके थे। 12 मार्च को विशाखापट्टनम लौटने तक उनके खाते में 5,385 रुपए की राशि जमा हो चुकी थी।
राशि वापस मिलने की जानकारी होने पर यात्री ने वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रायपुर, अवधेश कुमार त्रिवेदी को ईमेल कर बताया कि उन्होंने रेलवे की सेवा का उपयोग किया है, इसलिए वह यह राशि वापस करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि उक्त राशि किस प्रकार भारतीय रेल को वापस की जा सकती है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने यात्री की ईमानदारी की सराहना करते हुए संबंधित रेलकर्मियों — के. साईमोन (वरिष्ठ सीसीटीसी) और संजय कुमार शर्मा (सीसीटीसी) — के कार्य की भी प्रशंसा की। उन्होंने यात्री एवं रेलकर्मियों को प्रशंसा पत्र देने की बात कही तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि विश्राम कक्ष की राशि प्राप्त कर आईआरसीटीसी को जमा कराई जाए।
यह घटना समाज में ईमानदारी और नैतिक मूल्यों के महत्व को रेखांकित करती है। साथ ही, यात्रियों को बेहतर सुविधा और सेवा देने के प्रति रेलवे कर्मियों की प्रतिबद्धता भी इस अवसर पर स्पष्ट रूप से देखने को मिली।


