दुर्ग। प्रमुख विधिवेत्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता कनक तिवारी ने दुर्ग न्यायालय में अधिवक्ताओं से सौजन्य भेंट की। इस दौरान अधिवक्ताओं ने उनका सम्मान किया। तिवारी ने अधिवक्ताओं ने संबोधित किया और वकालत के पेशे से जुड़े अपने कई अनुभव सुनाए।

सदस्यों ने उनके सुदीर्घ स्वस्थ जीवन की कामना की। तिवारी ने अपने अनुभवों एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायलय में अपने वकालत के दिनों और महत्वपूर्ण मामलो के संस्मरण साझा किये l
उन्होंने कहा कि मैंने अपने शहर दुर्ग में 1971 से लगभग 20 वर्षों तक इसी जिला न्यायालय में वकालत की है। यही मेरी वकालत की समझ की कोख रही है। यहां वकालत में इतना कुछ प्यार मिला धन भी मिला सम्मान भी मिला कि मैं बस इसी शहर में रच बस गया। इसके बाद फिर मैं जबलपुर उच्च न्यायालय बिलासपुर उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस करने गया था।
इस दौरान तिवारी के पौत्र और वकालत के स्टूडेंट अंतस तिवारी भी साथ थे। आयोजन में जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष गुलाब सिंह पटेल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता शकील अहमद सिद्दीकी ने किया। आयोजन में अजय मेश्राम, विष्णु मिश्रा, फिरोज खान, एनकेपी सिंह, हरे कृष्ण तिवारी, आकाश कस्सू, पूजा सिंह, करण जंघेल, शमसुद्दीन मिर्जा, नरसिंह शर्मा, एसएम पांडेय, अजय राजपूत, कृष्ण कुमार,पेशन देव हिरकने, ललित सेन, गणेश कुमार ध्रुव वंशी, टिकेश्वर कुमार कुर्रे, उषा भारती, प्रहलाद क्षीरसागर, अभिषेक जैन, ज्ञानचंद टेम्भुरकर, विश्वजीत, आकांक्षा, संतोष सोनी, सविता पाध्ये और अमन सिंह सहित कई अधिवक्तागण मौजूद थे।



